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Netagiri.in____कोरबा-पाली। ग्राम पंचायत लाफा जनपद पंचायत पाली के ग्रामीण, पंच, उपसरपंच ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है। आरोप है कि सरपंच श्रीमती संगीता सिंह तंवर ने ग्राम पंचायत में बिना पंचों के प्रस्ताव व सचिव के बिना जानकारी के अकेले सरपंच द्वारा जनपद पंचायत पाली के कम्प्यूटर आपरेटर श्रीमती काजल मानिकपुरी व भूपेन्द्र सोनवानी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के साथ मिलकर 7 लाख 33 हजार रूपये का आहरण किया है। इसकी लिखित शिकायत ग्राम पंचायत लाफा के सचिव दूजे कुमार सिन्दे द्वारा दिनांक 06/03/2024 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाली में एवं दिनांक 03/04/2024 को थाना पाली में थाना प्रभारी के पास किया गया पर आज पर्यन्त कोई कार्यवाही नहीं की गई है। उल्टे सरपंच ने शिकायतकर्तागण के खिलाफ झूठी शिकायत अजाक थाना कोरबा में की है।
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इसके बाद दूसरी शिकायत ग्रामवासी एवं पंच, उपसरपंच द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं विहित प्राधिकारी अनुविभाग पाली में दिनांक 18/06/2024 को किया गया। जांच अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाली एवं अभिषेक श्रीवास (सहायक लेखा अधिकारी), गीता सिंह नेटी (करारोपण अधिकारी), मोहपाल सिंह कंवर (तकनीकी सहायक) को बनाया गया। उनके द्वारा जांच में गलत रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया है। उसके बाद सुश्री रूचि शार्दुल अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को अवगत कराया गया कि ग्राम पंचायत लाफा के सरपंच, सचिव एवं पंचगण को प्रत्यक्ष बयान लेने से स्पष्ट हो जायेगा कि सही कौन है। अनुविभागीय अधिकारी द्वारा निवेदन को सुना गया और दिनांक 22/08/2024 को बयान लिया गया जिससे स्पष्ट पता चल गया कि अकेले सरपंच द्वारा कम्प्यूटर आपरेटर के साथ मिलकर 7 लाख 33 हजार रूपये का गबन किया गया है और सरपंच को बोला गया कि आपका अवसर समाप्त किया जाता है जिसकी छायाप्रति संलग्न है। उसके बाद अनुविभागीय अधिकारी रूचि शार्दुल का ट्रांसफर हो गया। फिर उसके बाद उनके स्थान पर नई अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सीमा पात्रे आई। नई अनुविभागीय अधिकारी सीमा पात्रे द्वारा जांच फाईल का अवलोकन किया गया और जबरन नई जांच टीम का गठन किया गया। जिस नई जांच टीम में तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी पाली, अभिषेक श्रीवास (सहायक लेखा अधिकारी), आर.ई.एस एसडीओ को नियुक्त किया गया। लाफा के भारत भवन में जांच में सही पाया गया
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मामले में एसडीएम द्वारा किया गया जांच प्रतिवेदन
मामला संक्षेप में
दरअसल मामला पंचायत के 15वें वित मूलभूत राशि आहरण का है जहां सरपंच ने पंचायत सचिव के बिना जानकारी के उसके डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग करते हुए लगभग 8 लाख रुपए निकाल लिए हैं
जिसकी शिकायत सचिव ने पाली थाना में की थी मामला जब तूल पकड़ा तो कलेक्टर जनदर्शन से लेकर एसडीएम , जनपद सीईओ एवं तहसीलदार तक मामले की शिकायत हुई बताया जा रहा है कि एसडीएम को की गई शिकायत और उनके जांच प्रतिवेदन पर कई गड़बड़ियां पंचायत में देखने को मिली जिसकी जांच रिपोर्ट जनपद सीईओ को सौंप दी गई थी लेकिन आज पर्यंत दोषियों पर कार्यवाही नहीं की गई
और मामले को ठंडा बस्ती में डाल दिया गया ग्रामीणों का आरोप है कि जनपद सीईओ और अन्य जांच अधिकारियों ने जांच के नाम पर पैसे की वसूली भी की है और दोषियों पर कार्यवाही नहीं की
लेकिन अब जबकि प्रदेश में सुशासन की सरकार है ऐसे में ग्रामीणों और पंचगणों को उम्मीद जगी और उन्होंने प्रदेश के मुखिया को मामले से संबंधित दस्तावेजों को सौंपते हुए कार्यवाही की मांग की है
तो वही मामले में जब जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग से बात की गई तो उन्होंने मामले में जिला स्तरीय जांच टीम गठित करते हुए जांच कराने की बात कही है



