Netagiri.in—कोरबा डेस्क—कोरबा | 23 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ, जिला कोरबा द्वारा अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा जारी कर दी गई है। संघ का कहना है कि बार-बार शासन का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद अब तक कोई ठोस और सकारात्मक पहल नहीं की गई है। यदि 26 जुलाई 2025 तक मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
चरणबद्ध आंदोलन कार्यक्रम:
प्रथम चरण – 17 जुलाई 2025: जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
द्वितीय चरण –21 से 26 जुलाई 2025: सभी राजस्व संस्थानों में कार्य बहिष्कार।
तृतीय चरण –28 जुलाई 2025: जिला स्तर पर सामूहिक अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन।
29 जुलाई 2025: संभाग/राज्य स्तर पर सामूहिक अवकाश और प्रदर्शन।
30 जुलाई 2025: राजधानी में धरना प्रदर्शन।
यदि फिर भी शासन द्वारा कोई पहल नहीं की जाती है, तो संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
प्रमुख मांगे (17 सूत्रीय मांग पत्र में शामिल):
1. सभी तहसीलों में स्वीकृत सेटअप की पदस्थापना – कंप्यूटर ऑपरेटर, WBN, KGO, वाहन चालक, आदेशिक वाहन, माल जमादार, राजस्व निरीक्षक आदि की जल्द नियुक्ति।
2. तहसील कार्यालयों की सीलिंग दर में वृद्धि।
3. न्यायालयीन आदेशों पर FIR न हो – 1985 के न्यायाधीश संरक्षण अधिनियम के तहत सुरक्षा की मांग।
4. मानवबल की पूर्ति व नियुक्ति – आउटसोर्सिंग के माध्यम से स्टाफ की तत्काल नियुक्ति।
5. SLR/ASLR की बहाली – भूमि अभिलेख सुधार कार्यों के लिए स्टाफ की पूर्ति।
6. प्रशिक्षित ऑपरेटर की नियुक्ति – Agristack, e-Court, स्वामित्व योजना जैसे टेक्निकल कार्यों हेतु।
7. सड़क दुर्घटना मुआवजा की स्पष्ट गाइडलाइन – तहसीलदार के माध्यम से राशि उपलब्ध कराने के लिए।
8. न्यायालयों में उपस्थिति हेतु व्यवस्थाएं – केस की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए डिजिटल प्रोटोकॉल।
9. मोबाइल नंबर की गोपनीयता – शांतिपूर्ण कार्य में बाधा से बचने हेतु शासकीय डिवाइस की मांग।
10. विशेषज्ञ समिति का गठन
11. – न्यायालय सुधार सुझावों के लिए राज्य स्तर पर समिति बने।
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संघ की चेतावनी
संघ का कहना है कि उनकी मांगें राजस्व प्रशासन की दक्षता और न्यायिक प्रक्रिया की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। यदि शासन समय रहते संज्ञान नहीं लेता, तो संघ राज्यभर में आंदोलन को तेज़ करेगा।


