ADANI - HALF PAGE_page-0001
ADANI - HALF PAGE_page-0001
छत्तीसगढ़

IAS अमित कटारिया की बढ़ी मुश्किलें’ हाईकोर्ट ने 3 अधिकारियों को जारी किया नोटिस, मांगा जवाब

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्टेट फार्मेसी काउंसिल में पूर्णकालिक रजिस्ट्रार की नियुक्ति में देरी के मामले में सख्त रुख अपनाया है। अदालत के पूर्व आदेश का निर्धारित समय-सीमा में पालन नहीं होने पर स्वास्थ्य सचिव आईएएस अमित कटारिया समेत तीन अधिकारियों को अवमानना का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कोर्ट ने सभी अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग और फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रार की नियुक्ति का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

पूर्व आदेश का पालन नहीं होने पर हाईकोर्ट सख्त

मामला छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल में पूर्णकालिक रजिस्ट्रार की नियुक्ति से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, इस संबंध में हाईकोर्ट पहले ही निर्देश जारी कर चुका था। निर्धारित समय-सीमा में आदेश का पालन नहीं होने पर अदालत ने अधिकारियों से जवाब तलब किया है।

न्यायालय की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस का उद्देश्य यह जानना है कि पूर्व आदेश का पालन समय पर क्यों नहीं किया गया। अब संबंधित अधिकारियों को अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा।

IAS अमित कटारिया समेत तीन अधिकारियों को नोटिस

इस मामले में स्वास्थ्य सचिव आईएएस अमित कटारिया सहित तीन अधिकारियों को अवमानना का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अदालत ने सभी संबंधित अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा है।

अधिकारियों के जवाब और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की न्यायिक कार्यवाही की दिशा तय हो सकती है। फिलहाल नोटिस जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि अधिकारियों को अवमानना का दोषी ठहरा दिया गया है। यह अदालत की ओर से जवाब मांगने की प्रक्रिया है।

पूर्णकालिक रजिस्ट्रार की नियुक्ति क्यों महत्वपूर्ण?

स्टेट फार्मेसी काउंसिल फार्मेसी पेशे से जुड़े नियामकीय कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। रजिस्ट्रार का पद काउंसिल के प्रशासनिक और निर्धारित वैधानिक कार्यों के संचालन के लिए अहम होता है।

पूर्णकालिक रजिस्ट्रार की नियुक्ति में देरी होने से प्रशासनिक कामकाज और संबंधित प्रक्रियाओं पर असर पड़ने की आशंका रहती है। इसी वजह से नियुक्ति से जुड़े मामले में न्यायालय के निर्देशों का पालन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Netagiri

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!