CG News : छत्तीसगढ़ में जनहित क्रांति पार्टी पर प्रतिबंध एक साल और बढ़ा, गृह विभाग ने जारी किया आदेश

CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने जनहित क्रांति पार्टी को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने इस संगठन को विधि विरुद्ध घोषित किए जाने की अवधि एक वर्ष के लिए और बढ़ा दी है। इस संबंध में गृह (सी-अनुभाग) विभाग ने 30 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। सरकार का यह आदेश छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के तहत जारी किया गया है। नई अधिसूचना के अनुसार, जनहित क्रांति पार्टी पर लगाया गया प्रतिबंध 17 दिसंबर 2026 से अगले एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा।
एक साल के लिए फिर विधि विरुद्ध संगठन घोषित
राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि जनहित क्रांति पार्टी को छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम, 2005 के तहत एक बार फिर विधि विरुद्ध संगठन घोषित किया गया है। इससे पहले भी संगठन पर प्रतिबंध लागू था। अब सरकार ने इसकी अवधि समाप्त होने से पहले ही इसे एक वर्ष के लिए और बढ़ाने का निर्णय लिया है।

इस फैसले के बाद संगठन पर लागू प्रतिबंध की अवधि 17 दिसंबर 2027 तक जारी रहेगी। यानी आगामी एक साल तक संगठन को विधि विरुद्ध संगठन के रूप में ही माना जाएगा।
गृह विभाग ने 30 अक्टूबर को जारी किया आदेश
इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के गृह (सी-अनुभाग) विभाग ने 30 अक्टूबर 2026 को अधिसूचना जारी की है। आदेश में छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम, 2005 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए संगठन को पुनः विधि विरुद्ध घोषित करने की जानकारी दी गई है।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, यह निर्णय निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत लिया गया है। आदेश की प्रभावशीलता 17 दिसंबर 2026 से शुरू होगी।

क्या है छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम 2005?
छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम, 2005 राज्य में गैरकानूनी गतिविधियों और उनसे जुड़े संगठनों पर कार्रवाई करने के लिए बनाया गया कानून है। इसके तहत निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार किसी संगठन को विधि विरुद्ध घोषित किया जा सकता है।
इस कानून का उद्देश्य राज्य में सार्वजनिक व्यवस्था, शांति और सुरक्षा बनाए रखना तथा गैरकानूनी गतिविधियों पर नियंत्रण करना है।


