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कोरबाक्राइमछत्तीसगढ़

फर्जी प्रमाण पत्र बनवा कर खरीदी आदिवासियों की जमीन, रेल कॉरिडोर में ले लिया करोड़ों मुआवजा ,अब जांच में चार पर कार्यवाही बाकी की जांच जारी

कोरबा जिले में पिछले 15 साल पहले फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाने का मामला सामने आया है दो साल पहले छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के पदाधिकारी दिलीप मीरी द्वारा 23 लोगों के नामजद शिकायत करते हुए जाति प्रमाण पत्र जांच करने हेतु आवेदन दिया गया था शिकायतकर्ता ने बताया गया था कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाने वाले 23 लोग दीपका स्थित एसीबी कम्पनी के वर्कर हैं इन वर्करों के नाम फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे आदिवासियों की जमीन खरीदी गई और रेल कॉरिडोर में कई करोड़ रुपए मुहावजा भी वसूल कर लिए

वही सैंकड़ो एकड़ जमीन आदिवासियों के नाम से खरीद कर एसीबी कंपनी द्वारा उसका कमर्शियल यूज किया जा रहा है 2 साल पहले हुई शिकायत पर जिला स्तरीय जांच समिति ने अभी तक जांच में चार लोगों की जाति प्रमाण पत्र को फर्जी पाया है वहीं 19 लोगों की जांच अभी जारी है

चार आरोपी जिनके फर्जी जति प्रमाण पत्र निरस्त हुऐ

कोरबा कलेक्टर संजीव झा ने बताया कि फर्जी पाए गए चारों आरोपियों के जाति प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया गया है वहीं अब आरोपियों के ऊपर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी साथ ही फर्जी दस्तावेज के आधार पर लिए गए लाभ की वसूली भी की जाएगी क्योंकि ये 165 (6) के प्रावधानों का उल्लंघन है जिसमें कड़ी कार्यवाही का प्रावधान है वहीं बाकी बचे लोगों के प्रमाण पत्र की जांच भी जल्द से जल्द जांच समिति द्वारा कर ली जाएगी

अब जबकि 23 लोगों में से चार लोगों की जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं और जिला स्तरीय जांच समिति द्वारा जाति प्रमाण पत्र को निरंक कर दिया गया है तो शिकायतकर्ता छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश महामंत्री दिलीप मिरी द्वारा पुनः शिकायत पत्र कोरबा कलेक्टर एवं एसपी को सौंपते हुए दोषियों पर जल्द से जल्द f.i.r. करने की मांग की है वहीं फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वाले एसडीएम एवं तहसीलदार सहित पटवारी के ऊपर भी कार्यवाही की मांग की गई है

Netagiri

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