
Netagiri.in—-कोरबा, 5 जुलाई। जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सिरकीखुर्द के शासकीय विद्यालयों में DMF मद से होने वाली भृत्य (चपरासी) भर्ती को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत सिरकीखुर्द की उपसरपंच एवं स्थायी शिक्षा समिति की अध्यक्ष श्रीमती कमलेश्वरी दिव्या ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता, सूचना छिपाने, जातिगत भेदभाव और स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक में नियमों की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, सिरकीखुर्द स्थित शासकीय कन्या आश्रम एवं माध्यमिक शाला गांधीनगर में DMF मद से भृत्य पद पर भर्ती की जानी थी। आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन ने भर्ती की जानकारी समय पर सार्वजनिक नहीं की। न तो गांव में मुनादी कराई गई और न ही नोटिस बोर्ड पर सूचना चस्पा की गई, जिससे कई योग्य और जरूरतमंद अभ्यर्थी आवेदन करने से वंचित रह गए। शिकायत में कहा गया है कि अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद जल्दबाजी में सूचना दी गई, जिससे ग्रामीणों को आवेदन का अवसर नहीं मिल सका।
उपसरपंच ने यह भी आरोप लगाया है कि पूर्व माध्यमिक शाला सिरकीखुर्द में मध्यान्ह भोजन बनाने वाली अनुसूचित जाति (सतनामी समाज) की महिला को जातिगत मानसिकता के चलते कार्य से हटा दिया गया। इस मामले में विद्यालय के प्रधान पाठक पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करने और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में 30 जून 2026 को आयोजित स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) की बैठक पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि समिति के वास्तविक अध्यक्ष की अनुपस्थिति में नियमों के विपरीत किसी अन्य व्यक्ति को अध्यक्ष बना दिया गया। बैठक के दौरान जब ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने भर्ती प्रक्रिया, बच्चों की पढ़ाई, मध्यान्ह भोजन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर सवाल पूछे तो उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई। एक व्यक्ति द्वारा कक्षा में जाकर शैक्षणिक व्यवस्था और अन्य विषयों पर जानकारी लेने पर उसे बाहर निकालने का भी आरोप लगाया गया है। साथ ही उपसरपंच और अन्य महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार एवं अपमानजनक टिप्पणी किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
श्रीमती कमलेश्वरी दिव्या ने कलेक्टर से मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए, वर्तमान भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर पारदर्शी तरीके से दोबारा आवेदन आमंत्रित किए जाएं तथा स्कूलों में मध्यान्ह भोजन और समितियों में सभी वर्गों की महिलाओं को समान अवसर सुनिश्चित किया जाए।
शिकायतकर्ता का दावा है कि पूरे मामले से जुड़े कॉल रिकॉर्डिंग और वीडियो साक्ष्य भी उनके पास उपलब्ध हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा।
(नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित पक्ष का जवाब प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)


