
Netagiri.in—-कोरबा। जिले के करतला विकासखंड की ग्राम पंचायत भैसामुड़ा स्थित जोगीनाला में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित पुलिया पहली ही बारिश का दबाव नहीं झेल सकी और क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और संबंधित विभाग की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया निर्माण के दौरान कई बार घटिया निर्माण सामग्री और गुणवत्ता संबंधी शिकायतें अधिकारियों तक पहुंचाई गई थीं, लेकिन किसी ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। उनका कहना है कि हर बार शिकायतों को यह कहकर टाल दिया गया कि मामला उनके अधिकार क्षेत्र का नहीं है।
सबसे बड़ी बात यह है कि निर्माण स्थल पर कार्य से संबंधित कोई सूचना पटल भी नहीं लगाया गया है। इससे यह पता नहीं चल पा रहा कि पुलिया का निर्माण किस विभाग, एजेंसी या ठेकेदार ने कराया है, निर्माण की लागत कितनी थी और कार्य कब स्वीकृत हुआ था। सूचना के अभाव ने ग्रामीणों के संदेह को और बढ़ा दिया है।
पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि सरकारी धन से बनने वाले विकास कार्यों में यदि गुणवत्ता से समझौता किया जाएगा, तो जनता की गाढ़ी कमाई का नुकसान होता रहेगा। उन्होंने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि कोरबा जिले में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। जोगीनाला पुलिया का पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त होना एक बार फिर निर्माण कार्यों में संभावित लापरवाही और अनियमितताओं की ओर इशारा करता है। अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।


