Ethanol Fuel : सरकार का बड़ा फैसला’ 100% एथेनॉल वाले ईंधन से चलेंगी गाड़ियां, जानें क्या होगा बदलाव

Ethanol Fuel : नई दिल्ली। भारत में वाहन ईंधन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार ने 100 प्रतिशत एथेनॉल वाले ईंधन के इस्तेमाल को मंजूरी देने का फैसला किया है। सरकार का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, प्रदूषण पर नियंत्रण पाना और देश में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देना है। इस फैसले के बाद एथेनॉल से चलने वाले वाहनों और उनके लिए जरूरी तकनीक को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, 100 प्रतिशत एथेनॉल का इस्तेमाल करने के लिए वाहनों के इंजन और ईंधन प्रणाली का अनुकूल होना जरूरी होगा।
1. क्या है 100% एथेनॉल ईंधन?
एथेनॉल एक प्रकार का अल्कोहल आधारित ईंधन है, जिसे गन्ने, मक्का और अन्य जैविक स्रोतों से तैयार किया जा सकता है। भारत में अभी पेट्रोल में अलग-अलग अनुपात में एथेनॉल मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है। 100 प्रतिशत एथेनॉल ईंधन में पेट्रोल का मिश्रण नहीं होता।
2. सरकार ने इस फैसले को क्यों मंजूरी दी?
इसका प्रमुख उद्देश्य विदेशों से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाना है। इसके अलावा घरेलू स्तर पर एथेनॉल उत्पादन को प्रोत्साहन देना और जीवाश्म ईंधन के विकल्प विकसित करना भी सरकार की नीति का हिस्सा है।

3. क्या मौजूदा पेट्रोल कारों में चलेगा एथेनॉल?
नहीं, हर पेट्रोल कार में सीधे 100 प्रतिशत एथेनॉल डालना सुरक्षित नहीं माना जा सकता। इसके लिए इंजन, ईंधन पाइप, सील और अन्य पुर्जों में आवश्यक बदलाव हो सकते हैं। वाहन निर्माता की मंजूरी के बिना मौजूदा कार में इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
4. क्या पेट्रोल-डीजल पूरी तरह खत्म हो जाएंगे?
फिलहाल ऐसा नहीं कहा जा सकता। एथेनॉल वैकल्पिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल बढ़ा सकता है, लेकिन पेट्रोल, डीजल, इलेक्ट्रिक और अन्य तकनीकों का उपयोग वाहन तथा नीति के अनुसार जारी रह सकता है।
5. क्या इससे प्रदूषण कम होगा?
एथेनॉल में जैविक स्रोतों से प्राप्त अल्कोहल होने के कारण इसके इस्तेमाल से कुछ प्रकार के उत्सर्जन कम हो सकते हैं। हालांकि, वास्तविक पर्यावरणीय लाभ एथेनॉल के उत्पादन, परिवहन, इंजन तकनीक और पूरे जीवनचक्र के उत्सर्जन पर निर्भर करेगा।
6. क्या एथेनॉल से चलने वाली कारें सस्ती होंगी?
वाहनों की कीमत और ईंधन की लागत उत्पादन, तकनीक, उपलब्धता तथा सरकारी नीतियों पर निर्भर करेगी। अभी यह निश्चित नहीं है कि एथेनॉल कारें पेट्रोल कारों से सस्ती होंगी।
7. क्या किसानों को फायदा होगा?
एथेनॉल उत्पादन बढ़ने से गन्ना और मक्का जैसे कच्चे माल की मांग बढ़ सकती है। इससे किसानों और संबंधित उद्योगों को अवसर मिल सकते हैं, हालांकि लाभ फसल की कीमत, उत्पादन लागत और सरकारी खरीद व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
8. क्या एथेनॉल से माइलेज बेहतर मिलेगा?
एथेनॉल में प्रति लीटर ऊर्जा पेट्रोल की तुलना में कम होती है। इसलिए समान दूरी तय करने के लिए अधिक ईंधन लग सकता है। वास्तविक माइलेज वाहन के इंजन और तकनीक पर निर्भर करेगा।
9. आम लोगों को कब मिलेगा इसका फायदा?
इसके लिए अनुकूल वाहन, ईंधन की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और संबंधित मानकों का लागू होना जरूरी है। मंजूरी के बाद आम उपभोक्ताओं को यह ईंधन कब और कहां उपलब्ध होगा, इसकी स्पष्ट जानकारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों से ही मिलेगी।


