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छत्तीसगढ़

IKSV में नई कुलपति की नियुक्ति पर विवाद, ABVP का देर रात तक जोरदार प्रदर्शन

खैरागढ़. छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में रविवार को नई कुलपति प्रो. लवली शर्मा की नियुक्ति के खिलाफ एबीवीपी ने देर रात तक विरोध प्रदर्शन किया. विश्वविद्यालय के दोनों मुख्य द्वार पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठे रहे. मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात रही. सुबह होते-होते खैरागढ़ एडीएम और प्रभारी कुल सचिव प्रेम कुमार पटेल ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की, जिसके बाद एबीवीपी ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर अपना आंदोलन समाप्त किया.

विश्व विद्यालय परिसर में रातभर भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा. लेकिन कहीं ना कहीं पुलिस भी बल प्रयोग करने में हिचकिचा रही थी क्योंकि सताधारी दल का ही छात्र संगठन माने जाने वाला एबीवीपी संगठन उनके सामने था. पूरी रात तमाम प्रशासन के अधिकारी मौके पर डटे रहे. रात में कुलपति लवली शर्मा से मुलाकात भी तय हुई लेकिन बात नहीं बनी. सुबह होते होते प्रशासन की ओर से खैरागढ़ एडीएम और प्रभारी कुल सचिव प्रेम कुमार पटेल सामने आकर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, जिसके बाद एबीवीपी ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर अपना आंदोलन समाप्त किया. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राज्यपाल एवं कुलाधिपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल प्रभाव से नई कुलपति की नियुक्ति रद्द करने की मांग की है.

योग्य और निष्कलंक व्यक्ति को पद सौंपने की मांग

ज्ञापन में ABVP ने आरोप लगाया है कि प्रो. लवली शर्मा के खिलाफ पूर्व में कई गंभीर आरोप लगे हैं और वे मध्य प्रदेश के ग्वालियर विश्वविद्यालय में संगीत और ललित कला संकाय की डीन के रूप में कार्यरत थीं, जहां उनके कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच चल रही है. ABVP के प्रदेश सहमंत्री अमन बृज नामदेव द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन में यह मांग की गई है कि विश्वविद्यालय की गरिमा और शुचिता को बनाए रखने के लिए प्रो. लवली शर्मा की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से रद्द की जाए और किसी योग्य व निष्कलंक व्यक्ति को यह पद सौंपा जाए. ABVP ने चेतावनी दी है कि यदि मांग पर विचार नहीं किया गया, तो संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा.

संगठनों में अब समन्वय की कमी या बात कुछ और

खैरागढ़ विश्व विद्यालय में बीती रात हुआ आंदोलन भाजपा संगठन पर कई सवाल उठा रहा है. क्या आरएसएस के सम वैचारिक संगठनों में अब समन्वय नहीं रहा या डबल इंजन की सरकार आने के बाद यहां भी वर्चस्व की राजनीति शुरू हो गई है? कल रात से ही इस आंदोलन को रोकने प्रदेश स्तर के संघ कार्यकर्ताओं और परिषद कार्यकर्ताओं से बातचीत चल रही थी. लेकिन इस आंदोलन की गंगोत्री किसी को भी समझ नहीं आ रही थी. सुबह होते-होते बात प्रदेश के ऊपर चली गई सूत्रो की मानें तो परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री के फोन के बाद इस आंदोलन में अल्प विराम लगा है. हालांकि इधर परिषद के प्रदेश सह मंत्री अमन नामदेव ने स्पष्ट कहा है कि अगर प्रो लवली शर्मा की नियुक्ति रद्द नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा, जिसमें खैरागढ़ बंद से लेकर प्रदेश बंद तक की तैयारी है.

फिलहाल प्रशासन ने परिषद का ज्ञापन ले लिया है. लेकिन इस ज्ञापन पर क्या कार्यवाही होगी इसे देखना होगा. क्योंकि ये मामला अब बड़े बवाल में तब्दील होते दिखाई पड़ रहा है.

Netagiri

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