युक्तियुक्तकरण के नाम पर खेला! मुंगेली में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, कलेक्टर ने दिखाया सख्त रुख
मुंगेली, 25 मई 2025। शिक्षा विभाग की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया अब विवादों के घेरे में आ गई है। जिले में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े और अनियमितताओं की शिकायतों ने प्रशासन को भी हिला दिया है। कलेक्टर कुंदन कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त चेतावनी जारी की है और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी से काम करने को कहा है।
क्या है पूरा मामला?
शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण (स्थानों के पुनर्विन्यास) के तहत कुछ शिक्षकों को मनचाही जगहों पर पदस्थापना देने, नियमों को ताक पर रखकर तबादले करने और आंकड़ों में हेरफेर की शिकायतें सामने आई हैं।
सूत्रों के अनुसार:
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कई स्थानों पर छात्र संख्या के आधार पर शिक्षक समायोजन में गड़बड़ी की गई।
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नियमों के विपरीत शिक्षकों को सुविधाजनक स्कूलों में पदस्थ किया गया।
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अधिकारियों की मिलीभगत से कुछ शिक्षकों को “प्रभावशाली” बताकर प्राथमिकता दी गई।
जिन अधिकारियों पर उठे सवाल:
जिला शिक्षा अधिकारी चन्द्र कुमार धृतलहरे और डीएमसी प्रभारी अजय नाथ की भूमिका संदेह के घेरे में है। इन दोनों पर जानबूझकर अनियमितताएं करने, शिकायतों को अनदेखा करने और आंकड़ों के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप लगे हैं।
कलेक्टर का सख्त संदेश:
कलेक्टर कुंदन कुमार ने स्पष्ट कहा है कि, “युक्तियुक्तकरण में कोई भी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि फर्जीवाड़े की पुष्टि होती है, तो पहले एफआईआर होगी, फिर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”
अब आगे क्या?
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शिकायतों की जांच के लिए विशेष समिति गठित हो सकती है।
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दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी।
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पूरे जिले में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया की दोबारा समीक्षा की जाएगी।



