दिवाली में वेतन को तरसे मदिरा दुकान के कर्मचारी, दो माह से नहीं मिला वेतन; त्योहार की खुशियों पर फिरा पानी

कोरबा। जिले की मदिरा दुकानों में कार्यरत सुपरवाइजर, विक्रयकर्ताओं एवं अन्य कर्मचारियों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिलने का मामला सामने आया है। एक ओर सरकार मदिरा दुकानों के माध्यम से प्रतिदिन करोड़ों रुपये का राजस्व अर्जित कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस राजस्व को जुटाने में अहम भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों को ही समय पर मेहनताना नहीं मिल पा रहा है।
कर्मचारियों का आरोप है कि वेतन भुगतान को लेकर जिले में पदस्थ आबकारी अधिकारी श्री रविशंकर यादव से बार-बार निवेदन किया गया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि जब आबकारी विभाग के मंत्री के गृह जिले में ही ऐसी स्थिति बनी हुई है, तो प्रदेश के अन्य जिलों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
वहीं, प्लेसमेंट एजेंसी के अधिकारियों पर भी कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एजेंसी के अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर दुकानों में पहुंचकर कर्मचारियों पर दबाव बनाते हैं, लेकिन समय पर वेतन दिलाने के मामले में उनकी कोई विशेष रुचि नजर नहीं आती।
दिवाली पर सरकारी आदेश और कर्मचारियों की हकीकत अलग-अलग!
गौरतलब है कि दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार को देखते हुए सरकार संविदा कर्मचारियों को त्योहार से पहले वेतन भुगतान करने के निर्देश जारी करती है। लेकिन दूसरी ओर, सरकार को प्रतिदिन करोड़ों रुपये का राजस्व दिलाने वाले मदिरा दुकान के कर्मचारी अपने ही वेतन के लिए इंतजार कर रहे हैं।
इस मामले में आबकारी विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। वहीं, नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया कि दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने परिवार का खर्च चलाने तक की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
कर्मचारियों का कहना है कि दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर भी उन्हें मन मसोसकर रहना पड़ रहा है। अब सवाल यह है कि सरकार के राजस्व में अहम योगदान देने वाले इन कर्मचारियों को आखिर कब तक अपने ही वेतन के लिए इंतजार करना पड़ेगा?
अब कर्मचारियों को शासन-प्रशासन से जल्द वेतन भुगतान और जिम्मेदार अधिकारियों पर आवश्यक कार्रवाई की उम्मीद है।


