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देश

महाकुंभ से एकता का अमृत या भगदड़ का मातम? मोदी और राहुल के बयानों से गरमाई राजनीति

बजट सत्र के दूसरे फेज के पांचवें दिन मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाकुंभ को लेकर संसद को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में अनेक अमृत निकले हैं। एकता का अमृत इसका पवित्र प्रसाद है।

PM ने कहा कि महाकुंभ पर सवाल उठाने वालों को जवाब मिला है। देश के कोने-कोने में आध्यात्मिक चेतना उभरी है। महाकुंभ में राष्ट्रीय चेतना के दर्शन हुए और महाकुंभ के उत्साह-उमंग को महसूस किया। देश की सामूहिक चेतना का नतीजा महाकुंभ के दौरान देखने को मिला। युवा पीढ़ी भी पूरे भाव से महाकुंभ से जुड़ी।

PM मोदी ने मॉरीशस यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के गंगा तालाब में त्रिवेणी का पवित्र जल डाला। अनेकता में एकता हमारी बहुत बड़ी ताकत है। इसी विशेषता को हम निरंतर समृद्ध करते रहें, ये हमारा दायित्व है।

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इधर, राहुल गांधी ने मोदी के महाकुंभ पर दिए गए वक्तव्य पर कहा- मैं प्रधानमंत्री की बात का समर्थन करना चाहता था। कुंभ हमारी परंपरा है, संस्कृति है, इतिहास है। एक शिकायत थी कि प्रधानमंत्री ने जिनकी मृत्यु हुई उन्हें श्रद्धांजलि नहीं दी। जो युवा कुंभ में गए उन्हें प्रधानमंत्री से रोजगार चाहिए और प्रधानमंत्री को उसपर भी बोलना चाहिए था।

Netagiri

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