Netagiri.in—-आज डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल खरमोरा में बड़े हर्षोल्लास के साथ योग दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ महर्षि पतंजलि के चित्र पर माल्यार्पण करके किया गया। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 की थीम “योगा फार वन अर्थ वन हेल्थ” है, अर्थात एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए योग यह थीम समग्र कल्याण एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता को दर्शाता है। सर्वप्रथम छात्रों ने योग दिवस के अवसर पर भाषण दिए। इस के पश्चात विद्यालय के पीटीआई शिक्षक श्री राजकुमार निषाद ने कामन योगा प्रोटोकॉल CYP के तहत प्रार्थना मत्र के साथ योगदिवस का शुभारंभ किया। निषाद ने योग के विभिन्न आसन कराए जैसे वज्रासन, ताड़ासन, त्रिकोण आसन शशांक आसन , भुजंग आसान पवनमुक्त आसन , प्राणायाम, कपालभाति तथा अनुलोम विलोम कराए। विद्यालय के प्राचार्य श्री हेमंतो मुखर्जी के नेतृत्व में सभी शिक्षक तथा विद्यार्थियों ने योग के विभिन्न आसन किए।

तत्पश्चात प्राचार्य मुखर्जी ने सभी छात्रों तथा शिक्षकों को योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अपने वक्तव्य में कहा कि योग का शाब्दिक अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना। इस तरह योग का सही अर्थ है मन, शरीर तथा आत्मा को संतुलित कर ईश्वर से जुड़ना। योग को अपने दैनिक जीवन शैली में अपनाने से हम हमेशा एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। योग से न केवल हम शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं बल्कि योग हमारी मानसिक अवस्था को भी स्वस्थ बनाए रखता है। हमारा जीवन पूर्णरूप से पथ्वी और पर्यावरण से जुड़ा हुआ है। हमारी दैनिक दिन चर्या में हमारा खानपान , हमारा सोना जागना सभी कुछ का प्रभाव हमारे शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इसलिए हमें एक स्वस्थ जीवन शैली जीने के लिए हमारे ग्रंथो में निर्धारित नियमों के अनुसार अपने दैनिक कार्य करने चाहिए। यदि हम नियमानुसार तथा समय के अनुसार अपने दैनिक क्रियाकलापों को करते हैं तो हम एक मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ जीवन प्राप्त कर सकते है। 
योग केवल एक शारीरिक व्यायाम ही नहीं बल्कि एक अभ्यास है जो शारीरिक मानसिक तथा आध्यात्मिक पहलुओं को एकत्रित करके व्यक्ति को आंतरिक शांति और संतुलन प्रदान करता है। हमारा जीवन पृथ्वी और पर्यावरण पर निर्भर होता है। इसलिए हम सभी का कर्तव्य है कि हम पृथ्वी और पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए सदैव कटिबद्ध रहना चहिए। हमें स्वयं भी पर्यावरण के प्रति जागरूक होना चाहिए तथा दूसरों को भी जागरूक करने का प्रयास करना चाहिए । सभी के अच्छे स्वास्थ्य एवं उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए शांति मंत्र के साथ इस कार्यक्रम का समापन किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु श्री राजकुमार निषाद, निधि सिंह, अशरफ जहां , श्री किशुन लाल पटेल , नरेंद्र निर्मलकर तथा अन्य शिक्षकों एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विजय कमार,अल्मा तथा चंपा रानी ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



