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लोकतंत्र का चौथा स्तंभप्राथमिकता सूची से किए गए बाहर पाली महोत्सव में मीडिया के साथ ‘धक्का-मुक्की’, वीआईपी गैलरी आगे – पत्रकार पीछे! नोडल अधिकारियों को दी गई थी जिम्मेदारी.. जनसंपर्क विभाग भी जिम्मेदारियां से नदारद

- कोरबा। कोरबा जिलेकपा ली ब्लॉक के केराझरिया में आयोजित दो दिवसीय पाली महोत्सव के समापन दिवस पर करोड़ो ख़र्च करने के बाद व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई। सबसे ज्यादा नाराजगी मीडिया व्यवस्था को लेकर सामने आई, जहां पत्रकारों को कवरेज के दौरान भारी अव्यवस्था और उपेक्षा का सामना करना पड़ा।पत्रकारों का आरोप है कि मीडिया गैलरी के ठीक आगे एक लंबी गैलरी में ठेकेदारों और तथाकथित कार्यकर्ताओं के परिवारों को बैठाया गया, जबकि मीडिया को उसके पीछे स्थान दिया गया।
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नतीजा यह रहा कि मंच का सीधा दृश्य बाधित रहा और कैमरे बार-बार लोगों की आवाजाही में उलझते रहे। मंच के सामने लगातार भीड़ घूमती रही, जिससे प्रभावी कवरेज लगभग असंभव हो गया।
- मीडिया प्रवेश द्वार पर भी स्थिति नियंत्रित नहीं थी। भीड़ अनियंत्रित होकर अंदर घुसने का प्रयास करती रही, जिसके बीच पत्रकारों को धक्का-मुक्की झेलते हुए अंदर जाना पड़ा। अंदर पहुंचने के बाद भी दूर बनाये गये अलग मीडिया में जोन बाहरी लोगों का कब्जा, रहा बाइट के लिए कोई निर्धारित स्थान भी नहीं था
- कार्यक्रम में पहुंचे छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन से प्रतिक्रिया लेने के लिए पत्रकारों को सड़क पर खड़े होकर इंतजार करना पड़ा। मंच के आसपास मीडिया के लिए कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। नाराज पत्रकारों ने दी गई बैठने की व्यवस्था का बहिष्कार कर सड़क किनारे खड़े होकर ही कवरेज किया।मीडिया कर्मियों ने नोडल अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। जनसंपर्क विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, क्योंकि मीडिया समन्वय की जिम्मेदारी उसी विभाग की होती है।
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गौरतलब है कि कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आयोजन पूर्व समीक्षा बैठक में मंच, बैरिकेडिंग, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर सख्त निर्देश दिए थे। बावजूद इसके, जमीनी स्तर पर मीडिया प्रबंधन में गंभीर चूक नजर आई।
पाली महोत्सव जिले की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है, लेकिन इस बार की अव्यवस्था ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आयोजकों के लिए मीडिया प्राथमिकता में थी भी या नहीं। पत्रकारों ने भविष्य में सम्मानजनक और सुव्यवस्थित मीडिया व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की


