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पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या पर भाई युकेश का भावुक बयान, अफसरों के पैरों में गिरकर न्याय की मांग

बीजापुर। बीजापुर के वरिष्ठ पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या ने न केवल जिले को बल्कि प्रदेश भर के पत्रकारिता समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। मुकेश चंद्राकर की हत्या के बाद उनके बड़े भाई और पत्रकार युकेश चंद्राकर का बयान सामने आया, जिसने एक नया मोड़ लिया है। अफसरों के सामने अपनी पीड़ा और न्याय की मांग रखते हुए युकेश चंद्राकर ने कहा, “मेरे भाई को मारा गया है, मुझे केवल न्याय चाहिए।”

कलेक्टर के सामने गिरकर मांगी न्याय की भीख
पोस्टमॉर्टम के बाद मुकेश का पार्थिव शरीर उनके घर लाया गया था, जहां अफसर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। इस मौके पर युकेश चंद्राकर बिलखते हुए अफसरों के पैरों में गिर गए। उन्होंने कलेक्टर के सामने घुटने टेककर कहा, “मेरे भाई को बेरहमी से मारा गया है, वह जिले की जनता के लिए बहुत कुछ कर चुका था। अब मुझे आश्वासन नहीं, न्याय चाहिए।” युकेश की आँखों में गहरी पीड़ा थी और उनके शब्दों में न्याय की गहरी मांग साफ नजर आ रही थी।

“न्याय नहीं मिला तो मुझे भी काट डालें”
युकेश ने भावुक होकर कहा, “इस मामले में कोई समझौता नहीं हो सकता। हमें न्याय चाहिए, अगर हमें न्याय नहीं मिला तो आप कुल्हाड़ी लाकर मुझे भी काट डालें।” उनके शब्दों में गुस्सा और आक्रोश था, जो उनके भाई की हत्या के प्रति गहरी निराशा को दर्शाता है।

दिल्ली जाने की मांग, खुलासा करने की योजना
युकेश चंद्राकर ने एक और गंभीर मांग की। उन्होंने अफसरों से अपील की कि उन्हें सुरक्षित तरीके से दिल्ली भेजा जाए, जहां वह कुछ महत्वपूर्ण खुलासे करने की योजना बना रहे हैं। युकेश ने कहा, “दिल्ली पहुंचकर मैं इस मामले के कुछ राज उजागर करूंगा, जो अब तक सामने नहीं आए हैं।”

पत्रकार मुकेश की विरासत और युकेश की न्याय की लड़ाई
मुकेश चंद्राकर जिले के एक सम्मानित पत्रकार थे, जिन्होंने अपने काम से जनता के बीच विशेष पहचान बनाई थी। युकेश ने बताया कि उन्होंने अपने भाई को कैमरा चलाना और रिपोर्टिंग करना सिखाया था। मुकेश ने हमेशा जिले के मुद्दों को उजागर करने का काम किया और उनके जाने के बाद युकेश ने कड़ा ऐलान किया कि उनकी लड़ाई केवल उनके भाई के लिए नहीं, बल्कि उस पूरी जनता के लिए है, जिसे मुकेश ने अपना कार्यक्षेत्र माना था।

Netagiri

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