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कोरबाछत्तीसगढ़प्रशासनिक

235 पदोन्नत कृषि विकास अधिकारियों को रिवर्ट कर “वरिष्ठता सह उपयुक्तता’ के आधार पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति संवर्ग के वरिष्ठ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को पदोन्नतिकी मांग, आंदोलन की चेतावनी

Chattisgarh Korba 20/8/2022___रविवार दिनांक 21.08.2022 को छ.ग. ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संघ जिला शाखा कोरबा के पदाधिकारियों की बैठक कृषि विभाग के सभागार में आयोजित हुई। बैठक में माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा 7 अप्रैल 2022 को जारी निर्णय का पालन संचालक कृषि के द्वारा नही करने पर चर्चा किया गया तथा छ. ग.ग्रा. कृ.वि.अ. संघ प्रातीय निकाय रायपुर के द्वारा की गई कार्यवाही का समर्थन किया गया पदाधिकारियों का कहना है कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति संवर्ग के लगभग 1000 वरिष्ठ ग्रा. कृ.वि. अधिकारियों को पदोन्नति से वंचित करते हुए 235 कनिष्ठ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को पदोन्नत कर दिया गया है। शासन के द्वारा इस अवैधानिक पदोन्नति संशोधित नियम के विरुध्द संघ के पदाधिकारियों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में याचिका लगाई गई थी।

माननीय उच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय का इंतजार न करते हुए संचालक कृषि रायपुर के द्वारा दिनांक 29.05.2021 को कनिष्ठ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को कृषि विकास अधिकारी के पद पर शर्त “उक्त पदोन्नति माननीय उच्च न्यायालय में दायर याचिका क्रमांक 4742/ 2019 के अंतिम निर्णय के अध्याधीन होगा” के साथ पदोन्नत कर दिया गया । माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा दिनांक 07.04.2022 को पारित अंतिम निर्णय के अनुसार उक्त संशोधन पदोन्नति नियम को अल्ट्रावारस (अवैधानिक) घोशित कर दिया गया है । फलश्वरुप उक्त पदोन्नति आदेश भी इस अंतिम निर्णय के अध्याधीन होकर शून्य हो चुका है। चार माह बीत जाने के बाद भी उक्त निर्णय का पालन छ.ग. शासन कृषि विभाग द्वारा नही किया जा रहा है, जिससे वरिष्ठ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी इसी पद पर सेवानिवृत्त हो रहे है। संघ द्वारा इस संबंध में अप्रैल 2022 से लगातार सक्षम अधिकारियों को आवेदन / निवेदन किया जा रहा है। संघ ने मांग की है कि संचालक कृषि के द्वारा जारी उक्त पदोन्नति आदेश में उल्लेखित शर्तों का पालन करते हुए तथा माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा पारित निर्णय का सम्मान करते हुए इन 235 पदोन्नत कृषि विकास अधिकारियों को रिवर्ट कर “वरिष्ठता सह उपयुक्तता’ के आधार पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति संवर्ग के वरिष्ठ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को पदोन्नति करते हुए उनके संवैधानिक अधिकारों को प्रदाय किया जाए अन्यथा संगठन माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा पारित निर्णय का पालन नही किए जाने पर अवमानना का याचिका दायर करते हुए आंदोलन करने पर विवश होना पड़ेगा जिसकी संपूर्ण जवाबदारी संचालक कृषि की होगी। बैठक में अध्यक्ष ए.के. कुर्रे, उपाध्यक्ष राजेश टण्डन, सचिव कुलदीप रात्रे, कोषाध्यक्ष जे. एस. मरकाम, मिडिया प्रभारी पी.एल. मिरेंद्र तथा समस्त ब्लॉक अध्यक्षों के साथ भारी संख्या में जिले के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे ।

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