
कोरबा। जिला पंचायत कोरबा द्वारा 12 दिसंबर 2025 को जारी पत्र में ग्राम कटबितला पंचायत के प्रशासनिक संचालन को लेकर व्यवस्था परिवर्तन का उल्लेख करते हुए संतराम राजवाड़े को पंचायत सचिव नियुक्त करने आदेश जारी किया गया था यह पत्र जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश नाग के हस्ताक्षर से जारी हुआ, जिसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय, रायपुर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का हवाला दिया गया।
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हैरानी की बात यह है कि जिला पंचायत के बड़े अधिकारी के आदेश पत्र जारी होने के बावजूद अब तक सचिव को आदेशानुसार प्रभार नहीं दिया गया है। न तो प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी गई है और न ही आदेश को जमीनी स्तर पर लागू किया गया है। जिसके चलते अपनी पद स्थापना आदेश को लेकर सचिव दर-दर भटक रहा है
इसी बीच एक और गंभीर तथ्य सामने आ रहा है कि पहले से पदस्थ सचिव भी संबंधित पंचायत का कार्यभार छोड़ने को तैयार नहीं है। सवाल यह उठता है कि जब जिला पंचायत स्तर से पत्र जारी हो चुका है, तो फिर पुराने पद पर जमे रहने की यह जिद क्यों? क्या उसे नयी पद स्थापना नहीं दी गई
स्थानीय सूत्रों की माने तो पंचायत कटबितला पोस्टिंग में पैसों का लेनदेन भी हुआ था यही कारण है कि जब सचिव को पैसा लेकर वहां पदस्थ किया गया है
ऐसे में अब अधिकारी वहां पहले से पदस्थ सचिव को हटाने आदेश चलाने में हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं और सचिव कार्य भार छोड़ने के लिए जिला प्रशासन के नए आदेश का इंतजार कर रही है ताकि आदेश के बाद वह पंचायत का कार्यभार छोड़ सके
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पंचायत में कुछ ऐसे प्रशासनिक और वित्तीय कार्य जुड़े हुए हैं, जिनके कारण कार्यभार परिवर्तन को जानबूझकर टाला जा रहा है। यही वजह है कि आदेश को कागजों तक सीमित रखकर, जमीनी स्तर पर प्रभावहीन बनाए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
यह स्थिति केवल प्रशासनिक लापरवाही तक सीमित है या फिर इसके पीछे कोई अंदरूनी सेटिंग काम कर रही है—यह बड़ा सवाल बनकर उभर रहा है। यदि सचिव को विधिवत प्रभार सौंप दिया जाए, तो पंचायत स्तर पर कई व्यवस्थाओं में पारदर्शिता आ सकती है, जिससे कुछ लोगों के हित प्रभावित होने की चर्चा भी सामने आ रही है।
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि यदि आदेश जारी किया गया है, तो उसका पालन सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। अन्यथा यह आदेश केवल फाइलों तक सीमित रह जाएगा और जिला पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते रहेंगे।


