CG BREAKING : छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा, 2.38 करोड़ का माल बरामद’ तीन नाबालिग भी पकड़े गए

CG BREAKING : जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बस्तर जिले की बोधघाट थाना पुलिस ने गांजे की बड़ी खेप पकड़ते हुए सात लोगों को पकड़ा है। इनमें चार वयस्क आरोपी और तीन विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं। पुलिस ने एक पिकअप वाहन से 476 किलो 500 ग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 2 करोड़ 38 लाख 25 हजार रुपये बताई गई है। गांजे की यह खेप ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाई जा रही थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल वाहन, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नकदी भी जब्त की है।
ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था गांजा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बस्तर पुलिस को गांजा तस्करी के संबंध में सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर बोधघाट थाना पुलिस ने संदिग्ध वाहनों पर नजर रखनी शुरू की। इसी दौरान एक पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान वाहन से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने तत्काल गांजे को जब्त कर वाहन में सवार लोगों को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि गांजे की खेप ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाने की तैयारी थी।
476 किलो से ज्यादा गांजा बरामद
पुलिस ने पिकअप वाहन से कुल 476 किलो 500 ग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की बाजार में अनुमानित कीमत 2 करोड़ 38 लाख 25 हजार रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा पकड़े जाने के बाद पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।
चार वयस्क और तीन नाबालिग पकड़े गए
इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल सात लोगों को पकड़ा है। इनमें चार वयस्क आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया गया है।
मामले में नाबालिगों की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि तस्करी के इस नेटवर्क में उनकी क्या भूमिका थी और उन्हें किसके माध्यम से इस अवैध कारोबार में शामिल किया गया।
पिकअप, बाइक और छह मोबाइल फोन भी जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गांजा परिवहन में इस्तेमाल पिकअप वाहन के अलावा तस्करों की गतिविधियों में मदद कर रही पायलटिंग मोटरसाइकिल भी जब्त की है। इसके साथ ही छह मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद की गई है।
पुलिस को आशंका है कि तस्कर पायलटिंग के जरिए रास्ते में पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखते थे और मुख्य वाहन को सुरक्षित निकालने में मदद करते थे।


