VIP चौक हादसा: दलाल की डायरी के कोडवर्ड; लड़कियों को चॉकलेट, लालीपॉप, काजूकतली तो ग्राहकों को डॉ, इंजीनियर, राजा बाबू
रायपुर. राजधानी रायपुर के VIP रोड पर उज़्बेकिस्तान की युवती द्वारा तीन युवकों को टक्कर मारने के मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि इन विदेशी युवतियों को बुलवाकर सेक्स रैकेट संचालित हो रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो युवतियों और गैंग के 2 सदस्यो को गिरफ्तार कर पूछताछ में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक विदेशी युवतियों समेत दूसरे राज्यों की युवतियों को बुलाकर सेक्स रैकेट संचालित करने वाले गैंग से तार जुड़े है। पुलिस ने इस मामले में गुढियारी निवासी जागेन्द्र उईके उर्फ मोहन समेत रवि को गिरफ्तार कर पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार उज्बेकिस्तान की विदेशी महिला के अलावा कई अन्य राज्यों की युवतियों को बुलवाकर सप्लाई की जाती थी।
पुलिस ने गिरफ्तार कर की गई पूछताछ के आधार पर सरस्वती नगर के एक नामी होटल में दबिश देकर तेलंगाना और त्रिपुरा की दो युवतियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो खुलासा हुआ कि आरोपी जागेन्द्र उईके उर्फ मोहन इन युवतियों को बुलवाकर सप्लाई करने का काम करता था और ग्राहको से पैसे भी अपने खाते में लेता था। पुलिस ने एक रवि नाम के एक अधेड़ को भी गिरफ्तार किया है जो गैंग द्वारा बुलाई गई युवतियों को लॉजेस्टिक का काम करता था। एयरपोर्ट में उतरने के बाद कार में ले जाकर बताये होटल में छोड़ना और होटल से तैयार होने के बाद ग्राहक के बताये होटल या फार्म हाउस में छोड़ने का काम करता था।
पुलिस को इन शातिर आरोपियो के गैंग की एक डायरी भी मिली है, जिसमें देशी विदेशी कई युवतियों के तस्वीरे भी मिली है साथ ही उन तस्वीरों के नीचे चॉकलेट, लॉलीपॉप, काजूकतली, पिज्जा समेत कई खाने के नाम से संबोधित किया गया है। इसी डायरी में कई ऐसे नाम लिखे है जिसकी पहचान करना पुलिस के लिए टेढी खीर हो गया है।
डायरी में डॉक्टर, इंजीनियर बाबू, बडे मालिक समेत राजू भाई साहब समेत कई अन्य कोटवर्ड में नाम लिखे हुए है।
आपको बता दे कि पिछले दिनो रायपुर के वीआईपी रोड़ पर हुए हादसे के बाद गिरफ्तार उज्वेकिस्तानी युवती और पेशे से वकील भावेश आचार्य को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया था, जिसके बाद पूछताछ में कई राज उगलते हुए बताया कि गिरफ्तार युवती 30 जनवरी को उज्बेकिस्तान से इंडिया और 31 जनवरी को दिल्ली से रायपुर आई है। इसको भी गिरफ्तार आरोपी जागेन्द्र उईके उर्फ मोहन ने ही बुलवाकर सप्लाई किया था।
पुलिस ने इन सभी आरोपियो के तकनीकी एनालिसिस किया तो पुलिस के भी होश उड़ गये। इस गैंग के तार देश के कई राज्यो समेत विदेशो से भी जुडे मिले है, ये गैंग ग्राहक से 500 रूपये लेकर पहले युवतियों के फोटो शेयर करने के बाद 30 से 40 हजार रूपये एड़वांस में लेकर सौदा करता था। गैंग काम खत्म होने के बाद देशी युवतियों को 07 से 10 हजार और विदेशी युवतियो को 10 से 20 हजार रूपये देता था।
पुलिस को इस बात की आशंका है कि ये गैंग गिरफ्तार लोगो के अलावा कई और बड़े लोग मिलकर संचालित कर रहे थे। पुलिस को कुछ नाम सामने आये है, जिसके आधार पर गैंग के सरगना की तलाश में जुटी है और जल्द ही इस पुरे गैंग का खुलासे की बात भी कर रही है।
फिलहाल पुलिस ने युवतियों को पीड़ित मानते हुए शहर के दो तेलीबांधा और सरस्वती नगर थानों में पीटा एक्ट की धाराओ में मामला दर्जकर पूरे मामले के खुलासे के लिए जांच तेज कर दी है।


