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छत्तीसगढ़

आरक्षण पर आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर डॉ. चरणदास महंत की कड़ी प्रतिक्रिया “मुख्यमंत्री के विभाग के अधिकारी की भाषा प्रदेश के आरक्षित वर्ग का अपमान, मुख्यमंत्री की चुप्पी भी सवालों के घेरे में”

 

Netagiri.in—रायपुर 01/08/2026 आरक्षण प्राप्त करने वाले लोगों को लेकर जनसंपर्क विभाग की पत्रिका के सलाहकार संपादक डॉ. अनिल द्विवेदी द्वारा सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कड़ी नाराजगी जताई है।

डॉ. महंत ने कहा कि आरक्षण पाने वाले लोगों की तुलना बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित शब्दों से करना केवल किसी व्यक्ति विशेष का अपमान नहीं, बल्कि प्रदेश के उन करोड़ों लोगों का अपमान है, जो सामाजिक और संवैधानिक रूप से आरक्षण के दायरे में आते हैं।

उन्होंने कहा कि विवाद बढ़ने के बाद पोस्ट हटाना और बाद में खेद व्यक्त करना पर्याप्त नहीं है। सवाल यह है कि ऐसी मानसिकता रखने वाले व्यक्ति को सरकार के जनसंपर्क विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण पद पर जिम्मेदारी कैसे दी गई?

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनसंपर्क विभाग मुख्यमंत्री के पास है। मुख्यमंत्री स्वयं आदिवासी समाज से आते हैं और उनके मंत्रिमंडल में भी अनुसूचित जनजाति तथा अन्य आरक्षित वर्गों का प्रतिनिधित्व है। ऐसे में मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।

डॉ. महंत ने कहा कि आरक्षण देश के संविधान द्वारा दिया गया सामाजिक न्याय का अधिकार है। इसे लेकर किसी भी वर्ग के लोगों को अपमानित करने वाली भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ सरकार सामाजिक न्याय और संविधान की बात करती है, दूसरी तरफ उसी सरकार के विभाग से जुड़े व्यक्ति की सोशल मीडिया पोस्ट पर आरक्षित वर्ग के लोगों के प्रति ऐसी भाषा सामने आती है। यह विरोधाभास बेहद गंभीर है।

“मुख्यमंत्री की चुप्पी क्यों?”

डॉ. महंत ने सवाल उठाया कि विवादित पोस्ट सामने आने के बाद शिकायतें होने लगीं, पोस्ट हटाई गई और खेद व्यक्त किया गया, लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से अब तक स्पष्ट कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की चुप्पी से प्रदेश के आरक्षित वर्गों में यह संदेश जा रहा है कि सरकार अपने विभाग से जुड़े अधिकारी की आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर गंभीर नहीं है।

डॉ. महंत ने कहा कि छत्तीसगढ़ सामाजिक न्याय और समरसता की धरती है। यहां किसी भी जाति, वर्ग या समुदाय का अपमान राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण में नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि संत रविदास जयंती जैसे अवसर पर देशभर में सामाजिक समानता, भाईचारे और सम्मान का संदेश दिया जा रहा है। ऐसे समय में आरक्षित वर्गों को लेकर अपमानजनक टिप्पणी सामने आना और फिर उस पर सरकार की चुप्पी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले को प्रदेश के हर शहर और कस्बे तक ले जाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी कि आखिर मुख्यमंत्री के विभाग से जुड़े व्यक्ति को ऐसी टिप्पणी करने की हिम्मत कैसे हुई और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।

डॉ. महंत ने स्पष्ट कहा कि सामाजिक न्याय और आरक्षण के अधिकार का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और इस मुद्दे पर कांग्रेस मजबूती से आरक्षित वर्गों के साथ खड़ी रहेगी।

Netagiri

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