Netagiri.in____जौनपुर ___उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ पुलिस बल्कि पूरे इलाके को हैरानी में डाल दिया है। डॉक्टर बनने की चाह में 25 वर्षीय युवक ने ऐसा खतरनाक कदम उठा लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार सुबह लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव से पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक पर अज्ञात लोगों ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया है। शुरुआती जानकारी के आधार पर पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कहानी में कई विरोधाभास सामने आने लगे। युवक बार-बार अपने बयान बदल रहा था, जिससे पुलिस को संदेह हुआ। गहन जांच, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और टावर लोकेशन के विश्लेषण के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि घटना के समय युवक के साथ कोई दूसरा व्यक्ति मौजूद नहीं था।

जांच में खुलासा हुआ कि युवक सूरज भास्कर ने खुद ही यह सब किया था। किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा उस पर हमला नहीं किया गया था। पुलिस को घटनास्थल के पास से मेडिकल सामान भी बरामद हुआ, जिससे पूरा मामला स्पष्ट हो गया।
पुलिस के अनुसार, सूरज डी-फार्मा की पढ़ाई कर चुका था और वह दो बार NEET-UG परीक्षा में असफल हो चुका था। 2026 में किसी भी हालत में MBBS में दाखिला पाने की जिद में उसने दिव्यांग कोटे से एडमिशन लेने की योजना बनाई थी।
इसी क्रम में वह दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए वाराणसी स्थित BHU भी गया था, लेकिन शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने के कारण उसे सर्टिफिकेट नहीं मिल सका। इसके बाद उसने यह खतरनाक कदम उठाया।
पुलिस ने युवक की प्रेमिका से भी पूछताछ की है। उसने बताया कि सूरज डॉक्टर बनने को लेकर काफी तनाव में रहता था और शादी करना चाहता था। वह अक्सर कहता था कि उसे किसी भी हाल में MBBS में एडमिशन लेना है।
फिलहाल पुलिस मामले की कानूनी पहलुओं से जांच कर रही है और युवक की मानसिक स्थिति को भी ध्यान में रखा जा रहा है।


