
Netagiri.in___रायपुर ,,___छत्तीसगढ़ शासन गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार भारतीय पुलिस सेवा के आवंटन वर्ष 2013 बैच के अधिकारी श्री भोजराम पटेल को चयन श्रेणी वेतनमान में पदोन्नति प्रदान की गई है। यह पदोन्नति 01 जनवरी 2026 से प्रभावशील मानी जाएगी।

शासन द्वारा जारी आदेश में उल्लेख है कि श्री पटेल ने आवंटन वर्ष से 13 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली है, जिसके फलस्वरूप उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (वेतन) नियम–2016 के नियम-3 के अंतर्गत यह पदोन्नति दी गई है।
पदोन्नति के पश्चात श्री भोजराम पटेल को वेतन मैट्रिक्स लेवल-13 प्रदान किया गया है, जिसका वेतनमान ₹1,23,100 से ₹2,15,900 निर्धारित है।
वर्तमान में श्री भोजराम पटेल जिला मुंगेली के पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर पदस्थ हैं। पदोन्नति के बावजूद उनकी पदस्थापना में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है और वे यथावत अपने वर्तमान दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि यह पदोन्नति भारत सरकार, गृह मंत्रालय की स्वीकृति के पश्चात छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्यपाल के नाम से जारी आदेश के माध्यम से प्रदान की गई है।
शिक्षक से IPS तक का प्रेरक सफर
आईपीएस भोजराम पटेल मुंगेली जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं उनके कार्यकाल को जनसहभागिता, नवाचार और प्रभावी कानून-व्यवस्था के लिए याद किया जाता है।
मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के निवासी भोजराम पटेल ने अपने प्रशासनिक कार्यों से यह साबित किया है कि पुलिसिंग केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं, बल्कि समाज को जागरूक और सुरक्षित बनाने का माध्यम भी है।
शिक्षाकर्मी से IPS तक: संघर्ष और संकल्प की कहानी
भोजराम पटेल का जीवन सफर युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक शिक्षाकर्मी (टीचर) के रूप में की। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और UPSC सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर IPS अधिकारी बने। उनका यह सफर यह संदेश देता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
मुंगेली में ‘पहल कार्यक्रम’ से बदली पुलिसिंग की तस्वीर
मुंगेली जिले में SP रहते हुए भोजराम पटेल ने “पहल कार्यक्रम” की शुरुआत की। इस कार्यक्रम के माध्यम से
साइबर अपराधों से बचाव,
नशा उन्मूलन,
यातायात नियमों की जानकारी
को लेकर स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस पहल को आम जनता, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों से भरपूर समर्थन मिला।
कोरबा में ‘खाकी के रंग, स्कूल के संग’ से बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
कोरबा जिले में पदस्थापना के दौरान भोजराम पटेल ने पुलिस और शिक्षा को जोड़ते हुए “खाकी के रंग, स्कूल के संग” अभियान चलाया। इसके तहत हजारों छात्रों को साइबर अपराध, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूक किया गया। इस अभिनव पहल के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज किया गया, जिससे छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ।
अनुभव से मजबूत नेतृत्व
भोजराम पटेल इससे पूर्व गरियाबंद, कोरबा, महासमुंद और वर्तमान में मुंगेली जैसे महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। विभिन्न जिलों में मिले प्रशासनिक अनुभव के आधार पर पुलिसिंग में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनविश्वास बढ़ाने की अपेक्षा की जा रही है।


