ADANI - HALF PAGE_page-0001
ADANI - HALF PAGE_page-0001
Uncategorized

KORBA BREAKING : रेडी-टू-ईट संचालन में लापरवाही पड़ी भारी चयनित महिला समूह का अनुबंध निरस्त, प्रतीक्षारत समूह को मिला कार्य नेता प्रतिपक्ष के सवालों के बाद प्रशासन हरकत में, अन्य परियोजनाओं में भी जगी न्याय की उम्मीद

Netagiri.in__कोरबा। सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के तहत रेडी-टू-ईट एवं फोर्टिफाइड आटा निर्माण एवं आपूर्ति के लिए चयनित महिला स्व-सहायता समूह द्वारा समय पर कार्य प्रारंभ नहीं किए जाने पर जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। आकांक्षी जिला कोरबा की चोटिया परियोजना में चयनित आदर्श महिला स्व-सहायता समूह, खिरटी का अनुबंध निरस्त कर दिया गया है।

स्मृति स्व सहायता समूह टीहलीpdf

जिला पंचायत सीईओ द्वारा जारी आदेश के अनुसार चयनित समूह द्वारा संचालन में रुचि नहीं लेने तथा शासन के निर्देशों का पालन नहीं किए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई। अनुबंध निरस्तीकरण के बाद प्रतीक्षारत सूची में शामिल स्मृति महिला स्व-सहायता समूह, बुढ़ीपीपर (टिहली सरई, पोस्ट मोरगा) को परियोजना के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस प्रशासनिक कार्रवाई को विधानसभा नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत द्वारा मानसून सत्र में रेडी-टू-ईट समूह चयन में कथित अनियमितताओं को लेकर 8 जुलाई को लगाए गए सवालों से जोड़कर देखा जा रहा है। शीतकालीन सत्र में संभावित हंगामे से पहले हुई इस कार्रवाई से जिले के अन्य चयनित एवं प्रतीक्षारत समूहों में हलचल तेज हो गई है।

अन्य परियोजनाओं में भी न्याय की उम्मीद

चोटिया परियोजना में हुई कार्रवाई के बाद कटघोरा, पसान, हरदीबाजार और कोरबा ग्रामीण परियोजनाओं में चयन प्रक्रिया से असंतुष्ट महिला समूहों में न्याय की उम्मीद जगी है। इन समूहों द्वारा पहले ही प्रधानमंत्री कार्यालय एवं संभागायुक्त बिलासपुर के समक्ष शिकायत एवं अपील दायर की जा चुकी है।

उत्पादन में देरी पर उठे सवाल

गौरतलब है कि जिले में रेडी-टू-ईट समूहों के चयन आदेश 28 मई 2025 को जारी किए गए थे, लेकिन साढ़े छह माह बीतने के बावजूद अधिकांश परियोजनाओं में उत्पादन प्रारंभ नहीं हो सका है। विभागीय स्तर पर यूनिट स्थापना, मशीनरी खरीदी, टेस्टिंग एवं प्रशिक्षण प्रक्रियाओं में देरी को इसका कारण बताया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि जनवरी–फरवरी 2026 से सभी चयनित समूह उत्पादन में आ सकते हैं।

प्रदेश स्तर पर पायलट प्रोजेक्ट

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा रेडी-टू-ईट योजना को महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संचालित करने हेतु पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कोरबा सहित रायगढ़, बलौदाबाजार-भाटापारा, बस्तर, दंतेवाड़ा एवं सूरजपुर जिलों का चयन किया गया है।

चोटिया परियोजना में हुई इस कार्रवाई को शासन द्वारा नियमों के पालन और पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, जिससे अन्य परियोजनाओं में भी अनुचित चयन की जांच और सुधार की उम्मीद बढ़ गई है।

Netagiri

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!