ADANI - HALF PAGE_page-0001
ADANI - HALF PAGE_page-0001
SECLकोरबाछत्तीसगढ़प्रशासनिकराजनीति

नराईबोध ग्रामवासियों ने बाहरी हस्तक्षेप पर जताई नाराज़गी, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, प्रशांत झा दीपक साहू समेत एक अन्य पर जताई आपत्ति,एकजुट हुए ग्रामीण

 

कोरबा।
एसईसीएल गेवरा परियोजना से प्रभावित ग्राम नराईबोध के ग्रामीणों ने अपने रोजगार, पुनर्वास और मुआवजा प्रकरणों में हो रहे बाहरी हस्तक्षेप को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज की है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जिला कलेक्टर, कोरबा को ज्ञापन सौंपते हुए कुछ बाहरी व्यक्तियों पर उनके आंदोलन को निजी स्वार्थ के लिए भटकाने का आरोप लगाया है।

ग्रामवासियों ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि उनकी भूमि एसईसीएल गेवरा परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है, और वे अपने उचित मुआवजा, रोजगार, पुनर्वास एवं मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर एकजुट हैं। उनका कहना है कि वे प्रशासन और प्रबंधन से सीधे संवाद करने में पूरी तरह सक्षम हैं तथा किसी बाहरी व्यक्ति की आवश्यकता नहीं है।

 

Oplus_16908288

ग्रामीणों ने ज्ञापन में छत्तीसगढ़ किसान सभा और कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े नेताओं प्रशांत झा और दीपक साहू पर आरोप लगाया कि वे गांव के निवासी नहीं होने के बावजूद जबरदस्ती हस्तक्षेप कर रहे हैं। इसके अलावा गांव के ही रमेश दास पर भी आरोप लगाया गया है कि उसने इन बाहरी लोगों को गांव में बुलाकर अशांति का माहौल बनाने की कोशिश की और गांव के नेतृत्वकारी व्यक्तियों के खिलाफ गलत प्रचार किया।

निजी स्वार्थ और ब्लैकमेलिंग का आरोप
ग्रामवासियों ने कहा कि इन लोगों का गांव के वास्तविक हितों से कोई सरोकार नहीं है। वे केवल निजी स्वार्थ, ठेकेदारी और ब्लैकमेलिंग के उद्देश्य से ग्रामीणों के नाम का उपयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इस तरह के हस्तक्षेप से उनकी वास्तविक मांगों पर प्रशासन के साथ होने वाली वार्ता प्रभावित हो रही है और अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

प्रशासन से हस्तक्षेप पर रोक की मांग
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि प्रशांत झा, दीपक साहू और रमेश दास को ग्राम नराईबोध के किसी भी मामले में दखल देने या ग्रामीणों का प्रतिनिधित्व करने से तत्काल प्रतिबंधित किया जाए। इस आशय की सूचना पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी, एसईसीएल प्रबंधन सहित अन्य विभागों को भी प्रेषित की गई है।

ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासनिक हस्तक्षेप और आवश्यक कार्रवाई के बाद ही वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी समस्याओं का समाधान एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन के साथ कर पाएंगे।

Netagiri

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!