
कोरबा। NTPC कोरबा विद्युत संयंत्र में शुक्रवार को PGCIL बे के ब्रेकर की टेस्टिंग के दौरान अचानक तकनीकी गड़बड़ी सामने आने से बिजली उत्पादन व्यवस्था प्रभावित हो गई। टेस्टिंग के दौरान हुए विद्युत फॉल्ट का असर इतना व्यापक रहा कि संयंत्र की सभी सातों यूनिट एक साथ ट्रिप हो गईं
यूनिटों के अचानक बंद होने से कोरबा सहित आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा। जानकारी के मुताबिक करीब डेढ़ घंटे तक कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रही। घटना की सूचना मिलते ही NTPC का तकनीकी और ऑपरेशन अमला सक्रिय हुआ और बंद यूनिटों को क्रमशः सामान्य स्थिति में लाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
PGCIL बे की टेस्टिंग के दौरान हुआ फॉल्ट
NTPC के जनसंपर्क अधिकारी के मुताबिक PGCIL द्वारा PGCIL बे के ब्रेकर की टेस्टिंग की जा रही थी। इसी दौरान विद्युत फॉल्ट हुआ, जिसके बाद सुरक्षा प्रणाली के तहत NTPC कोरबा की सातों यूनिट ट्रिप हो गईं।
घटना के बाद तकनीकी विशेषज्ञों ने स्थिति की जांच शुरू की और यूनिटों को दोबारा सिंक्रोनाइज कर उत्पादन बहाल करने की प्रक्रिया प्रारंभ की। NTPC प्रबंधन के अनुसार सभी यूनिटों को रिवाइव करने का काम जारी था और देर रात तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई गई।
करोड़ों के नुकसान का अनुमान, आधिकारिक आंकड़ा बाकी
सातों यूनिट के एक साथ बंद होने से बिजली उत्पादन में बड़ा व्यवधान आया है। प्रारंभिक तौर पर करीब 100 करोड़ रुपये के आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि यह केवल प्रारंभिक अनुमान है। वास्तविक नुकसान का आंकलन उत्पादन व्यवस्था पूरी तरह बहाल होने और तकनीकी समीक्षा के बाद ही स्पष्ट होगा।
टेस्टिंग प्रक्रिया पर उठे सवाल
इस घटना के बाद PGCIL बे में की जा रही टेस्टिंग की प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर टेस्टिंग के दौरान ऐसी स्थिति कैसे बनी, जिससे संयंत्र की सातों यूनिट एक साथ ट्रिप हो गईं? क्या निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था? फॉल्ट का वास्तविक कारण क्या था और इसका ग्रिड पर कितना प्रभाव पड़ा?
इन सभी सवालों का जवाब तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल NTPC की तकनीकी टीम विद्युत उत्पादन व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य करने में जुटी हुई है।



