
Netagiri.in___Renujaiswal***कोरबा वेदांता कंपनी के बालको क्षेत्र में निर्माणाधीन G-9 मल्टीस्टोरी आवासीय प्रोजेक्ट पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल द्वारा मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत के बाद जिला वन अधिकारी (डीएफओ) कोरबा प्रेमलता यादव ने परियोजना स्थल पर निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं।
पूर्व मंत्री ने लगाया गंभीर आरोप – सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जिस भूमि पर G-9 प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है, वह शासकीय मद की जमीन है। उन्होंने वहां लगे कीमती वृक्षों की अवैध कटाई का भी मुद्दा उठाते हुए 6 बिंदुओं में विस्तृत जांच और कार्रवाई की मांग की है।
भूमि पूजन के बाद विवाद ने पकड़ा तूल
इस प्रोजेक्ट का भूमि पूजन कुछ दिन पहले ही राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री लखनलाल देवांगन और नगर निगम महापौर संजू देवी राजपूत ने किया था। भूमि पूजन के कुछ दिनों बाद ही पूर्व मंत्री की शिकायत और फिर वन विभाग द्वारा निर्माण रोकने के आदेश ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।

वन विभाग की कार्रवाई के बाद विवाद गहराया
डीएफओ प्रेमलता यादव द्वारा बालको प्रबंधन को भेजे गए पत्र में निर्माण गतिविधियों को तुरंत रोकने का निर्देश दिया गया है। पत्र जारी होते ही प्रोजेक्ट का कार्य रुकवा दिया गया।

मीडिया द्वारा पक्ष जानने की कोशिश में डीएफओ प्रेमलता यादव ने न तो मुलाकात की और न ही फोन रिसीव किया, जिसके बाद कई तरह की चर्चाएँ तेज हो गई हैं।
उद्योग मंत्री का पलटवार – ‘वन विभाग की अनुमति के बाद ही शुरू हुआ काम’

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने मीडिया से चर्चा करते हुए स्पष्ट कहा कि—
“बालको का कोई भी निर्माण कार्य रोका नहीं गया है। भूमि पूजन मैंने इसलिए किया क्योंकि निर्माण कार्य वन विभाग की अनुमति के बाद ही शुरू किया गया था। अगर डीएफओ ने निर्माण रोकने का आदेश दिया है, तो इसका जवाब वही देंगी।”
मंत्री की प्रतिक्रिया के बाद मामला और अधिक राजनीतिक बन गया है, जहाँ सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।



