जनप्रतिनिधि द्वारा फर्जी आहरण का विरोध पड़ा भारी? सरपंच-सचिव और जनपद अधिकारियों पर साजिश का आरोप, जनदर्शन पहुंचा ईरफ पंचायत विवाद

Netagiri.in—कोरबा जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत ईरफ में अविश्वास प्रस्ताव का मामला अब जनदर्शन तक पहुंच गया है। पद से हटाए गए उपसरपंच, पंचायत के पंचों और सैकड़ों ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतकर्ताओं ने सरपंच, सचिव और जनपद पंचायत के कुछ अधिकारियों पर कथित फर्जी आहरण, वित्तीय अनियमितताओं और अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियों के आरोप लगाए हैं।
कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचे उपसरपंच और पंचायत के पंचों ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ शिकायत पत्र सौंपते हुए दावा किया कि ग्राम पंचायत में लंबे समय से कथित वित्तीय अनियमितताएं और फर्जी आहरण किए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि इन मामलों की शिकायत करने और आवाज उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया।
शिकायत पत्र में कहा गया है कि सरपंच, सचिव और जनपद पंचायत के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। उपसरपंच का आरोप है कि पंचायत के कुछ पंचों को गुमराह किया गया और उन पर दबाव बनाकर अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में मतदान कराया गया।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि अविश्वास प्रस्ताव की बैठक की सूचना नियमानुसार सार्वजनिक नहीं की गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ग्राम स्तर पर समझौता होने और प्रस्ताव वापस लेने के लिए आवेदन देने के बावजूद प्रक्रिया जारी रखी गई। साथ ही संबंधित अधिकारियों द्वारा समझौते से जुड़े दस्तावेजों को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया गया है।
उपसरपंच ने दावा किया है कि अंतिम बैठक में उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया और प्रस्ताव पारित होने के बाद संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए। ग्रामीणों ने पंचायत में पिछले कई वर्षों के वित्तीय लेन-देन और विकास कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
समापन
जनदर्शन में पहुंचे ग्रामीणों, पंचों और उपसरपंच ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


