
Netagiri.in___Renu jaiswal कोरबा__प्रधानमंत्री द्वारा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से शुरू किए गए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के बीच कोरबा शहर में पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। बालकों रोड स्थित क्षेत्र में वन विकास निगम द्वारा लगाए गए नीलगिरी के दर्जनों बड़े पेड़ों को काटे जाने से स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।


यह स्थान वन विभाग मुख्यालय से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मकान निर्माण और कब्जे की नीयत से पेड़ों की कटाई की गई। कटाई की कार्रवाई अवकाश के दिन किए जाने से भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पेड़ काटने वाले कुछ लोग स्वयं को वन विभाग से संबंधित बता रहे थे। वहीं लकड़ी परिवहन से जुड़े व्यक्ति ने स्वयं को डिपो संचालक बताते हुए वन विभाग की अनुमति होने का दावा किया है। हालांकि इस संबंध में अधिकृत पुष्टि नहीं हो सकी है।

- मामले को लेकर वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु उनसे प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।
इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि यदि कटाई के लिए विधिवत अनुमति दी गई थी, तो उसका आधार क्या था, और यदि अनुमति नहीं थी तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर चल रहे राष्ट्रीय अभियान के बीच कोरबा की यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और संबंधित पक्षों पर क्या कार्रवाई की जाती है।


