ADANI - HALF PAGE_page-0001
ADANI - HALF PAGE_page-0001
छत्तीसगढ़

Sanju Tripathi Murder Case : बहुचर्चित संजू त्रिपाठी हत्याकांड में सभी 22 आरोपियों को मिली राहत, अदालत ने किया दोषमुक्त

Sanju Tripathi Murder Case : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित संजू त्रिपाठी हत्याकांड में बिलासपुर जिला न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। इस मामले में अदालत ने सभी 22 आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। दोषमुक्त किए गए आरोपियों में संजू त्रिपाठी के भाई और पिता सहित अन्य लोग भी शामिल हैं। मामले में कपिल त्रिपाठी पक्ष के अधिवक्ता आदित्य तिवारी ने फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि सभी पक्षों को सुनने और मामले में प्रस्तुत तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने यह निर्णय सुनाया है। इस फैसले के बाद प्रदेश के चर्चित हत्याकांडों में शामिल इस मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं।

जिला न्यायालय ने सुनाया बड़ा फैसला

बहुचर्चित संजू त्रिपाठी हत्याकांड की सुनवाई बिलासपुर जिला न्यायालय में चल रही थी। मामले में अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की ओर से अपनी-अपनी दलीलें प्रस्तुत की गईं। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुनाते हुए मामले के सभी 22 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।

अदालत के इस फैसले से मामले में आरोपी बनाए गए लोगों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, फैसले के विस्तृत आधार और न्यायालय की टिप्पणियों की जानकारी सामने आने के बाद मामले की कानूनी स्थिति और स्पष्ट होगी।

भाई और पिता समेत 22 आरोपी हुए दोषमुक्त

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दोषमुक्त किए गए 22 आरोपियों में संजू त्रिपाठी के भाई और पिता भी शामिल हैं। लंबे समय से चल रही इस कानूनी प्रक्रिया के बाद सभी आरोपियों को अदालत से राहत मिली है।

कपिल त्रिपाठी पक्ष के अधिवक्ता आदित्य तिवारी ने बताया कि अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आरोपियों को दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया है।

क्या था संजू त्रिपाठी हत्याकांड?

संजू त्रिपाठी हत्याकांड छत्तीसगढ़ के चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। इस मामले ने हत्या की घटना और उससे जुड़े पारिवारिक विवाद के कारण काफी सुर्खियां बटोरी थीं। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए कई लोगों को आरोपी बनाया था।

इसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा और लंबे समय तक इसकी सुनवाई चली। मामले में आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों पर अदालत में विचार किया गया।

Netagiri

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!