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बालको के योगदान से शिक्षा के क्षेत्र में हो रही उत्तरोत्तर प्रगति

छत्तीसगढ़ कोरबा बालकोनगर, 2 अगस्त। बालको प्रबंधन ने शिक्षा के उन्नयन को सदैव ही सर्वोपरि रखा है। बालकोनगर ने साढ़े पांच दशकों में शिक्षा के क्षेत्र में भरपूर प्रगति की है। बालको के सहयोग से संचालित दिल्ली पब्लिक स्कूल, बालकोनगर के 79 छात्र-छात्राओं ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 में सीबीएसई 12वीं बोर्ड में बेहतरीन प्रदर्शन किए। 26 विद्यार्थियों को 90 फीसदी से अधिक अंक मिले। 100 प्रतिशत विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। बालको टाउनशिप में 15 स्कूल हैं जिनके संचालन में बालको प्रबंधन मदद करता है। बालकोनगर क्षेत्र में संचालित स्कूलों से शिक्षित विद्यार्थी देश-विदेश में अपनी प्रतिभा से सफलताएं अर्जित कर रहे हैं।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति ने समस्त छात्र-छात्राओं को बेहतरीन परीक्षा परिणामों की हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। श्री पति ने कहा कि बालको ने अपने स्थापना काल से ही शैक्षणिक सुविधाओं के विकास पर भरपूर निवेश किया है। बालको के साढ़े पांच दशकों की यात्रा सिर्फ एक उद्योग के विस्तार की यात्रा नहीं है बल्कि इसकी प्रगति ने कोरबा क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को मजबूती दी है। श्री पति ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को नया आयाम दे सकती है। बालको के योगदान से बालकोनगर एवं कोरबा क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं।

बालको क्षेत्र के वार्ड 35 के पार्षद श्री हितानंद अग्रवाल ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 में बोर्ड परीक्षाओं में बालकोनगर क्षेत्र के स्कूलों के बेहतरीन प्रदर्शन पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि बालको की स्थापना और उसके विस्तार के बाद आर्थिक गतिविधियां तो तेजी से बढ़ीं हीं ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, आधारभूत संरचना विकास आदि क्षेत्रों में भी जबरदस्त प्रगति हुई है। पिछले दो दशकों में बालको के विस्तार से क्षेत्रीय नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं। बालको के सहयोग से संचालित अनेक विद्यालयों से निकले विद्यार्थी देश और दुनिया भर में बालकोनगर का नाम रौशन कर रहे हैं।

बालको के सामुदायिक विकास परियोजना की ‘परियोजना कनेक्ट’ के अंतर्गत वेदांत स्टडी सेंटर संचालित है। यह परियोजना ऐसे विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है जो महंगी कोचिंग या ट्यूशन नहीं ले सकते। दिव्यांग बच्चों के सशक्तिकरण की दिशा में बालको वेदांत थैरेपी एंड रीहैब्लिटेशन सेंटर के संचालन में मदद कर रहा है। सेंटर की स्थापना ऐसे बच्चों के लिए की गई है जो देख, बोल और सुन नहीं सकते अथवा मानसिक रूप से निःशक्त हैं। इनरव्हील एजुकेशन सोसाइटी की ओर से संचालित केंद्र में निःशक्त बच्चों के लिए फीजियोथैरेपी, स्पीच थैरेपी, वर्क थैरेपी और बिहैवियर थैरेपी की सुविधा है।

वर्ष 2019 में बालको ने कोरबा स्थित दिव्य ज्योति छात्रावास परिसर में दृष्टिहीन और श्रवणबाधित युवाओं के लिए राज्य का पहला कौशल प्रशिक्षण केंद्र प्रारंभ किया। केंद्र में दिव्यांग युवाओं के लिए ब्यूटीशियन, हॉस्पिटैलिटी, कंप्यूटर और सिलाई के प्रशिक्षण की व्यवस्था है। दिव्यांग युवाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में ‘वेदांता कॉलेज एंड रीहैबिलिटेशन सेंटर फॉर डेफ एंड ब्लाइंड’ महत्वपूर्ण है।


Netagiri

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