- Netagiri.in—कोरबा जिले में बिजली विभाग से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति और अधिवक्ता नूतन सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर आरडीएसएस (पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना) के तहत हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में एफआईआर दर्ज करने और दोषियों से शासकीय राशि की वसूली की मांग की है।
अधिवक्ता ठाकुर ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत कोरबा जिले में लगभग 77 करोड़ रुपये की लागत से बिजली सुधार कार्य प्रस्तावित था, जिसमें पुरानी बस्ती क्षेत्रों में नई बिजली सप्लाई लाइन बिछाने का प्रावधान था। लेकिन योजना के तहत केवल केबल लगाने के नाम पर भुगतान कर दिया गया, जबकि न तो बिजली सप्लाई बहाल हो सकी और न ही क्षेत्र में कोई ठोस कार्य दिखाई दे रहा है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि टेंडर कंपनी को बिना कार्य पूर्ण किए भुगतान कर दिया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह एक संगठित घोटाला है। समाचार माध्यमों से मिली जानकारी के अनुसार, वितरण कंपनी के ईई अभिषेक कश्यप की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।

नूतन सिंह ठाकुर ने अपने पत्र में कहा है कि इस प्रकार के मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर दोषियों से शासकीय राशि की वसूली की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा बनाई गई जनकल्याणकारी योजनाओं को इस प्रकार से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाना बेहद निंदनीय है।
“जनता के पैसों से योजनाएं बनती हैं और कुछ अधिकारियों व ठेकेदारों की मिलीभगत से उन पैसों का दुरुपयोग अपराध की श्रेणी में आता है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए,” – नूतन सिंह ठाकुर, अधिवक्ता एवं सभापति, नगर निगम कोरबा



