ADANI - HALF PAGE_page-0001
ADANI - HALF PAGE_page-0001
कोरबाछत्तीसगढ़प्रशासनिक

राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों के PM आवास में जनपद के कर्मचारियों द्वारा कमीशन का आरोप! खाते होल्ड, जियो टैग पर भी उठे सवाल

 

Netagiri.in–Renu jaiswal कोरबा। जनपद पंचायत कोरबा अंतर्गत ग्राम पंचायत लेमरू के कुछ राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पहाड़ी कोरबा ग्रामीणों को लगभग 80 किलोमीटर दूर से सोमवार सुबह करीब 10 बजे चार पहिया वाहन से जनपद पंचायत कोरबा पहुंचे थे। ग्रामीण देर शाम करीब 5:30 बजे तक भूखे प्यासे जनपद कार्यालय के बाहर बैठे रहे।

 

मीडिया कर्मियों ने जब उनसे बातचीत की तो उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके खातों में आने वाली राशि को होल्ड कर दिया गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, आवास योजना की राशि जारी होने से पहले उनसे कुछ रकम ली गई थी। सूत्रों की माने तो जनपद में किसी  अभिषेक चौरसिया कर्मचारी के द्वारा कमीशन की रशि  ली गई थी यह वही अभिषेकचौरसिया जिसका पहले भी आवास योजना में पैसा लेने के नाम पर वीडियो वायरल हुआ था लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हई थी और अब पहाड़ी कोरवा ग्रामीणों  की दो किस्त जारी होने के बाद उनके खाते होल्ड कर दिया गया है   कथित तौर पर कमीशन की मांग किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि ग्रामीणों के आवास की अभी नींव तक नहीं खोदी गई है।

 


यहीं से PM आवास योजना की जियो टैगिंग प्रक्रिया पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। नियमों के अनुसार आवास की प्रगति के आधार पर जियो टैगिंग के बाद ही किस्तों का भुगतान किया जाता है। ऐसे में सवाल है कि यदि मौके पर आवास की नींव ही नहीं खोदी गई थी, तो पहली और दूसरी किस्त के लिए जियो टैगिंग कैसे हुई? और दो-दो किस्त हितग्राहियों के खाते में पहुंच गई लेकिन वह निकल नहीं पाए खाता होल्ड कर दिया गया
क्या बिना निर्माण के जियो टैगिंग की गई?
क्या जियो टैगिंग के आधार पर राशि जारी की गई?
और यदि राशि जारी हुई तो बाद में ग्रामीणों के खाते होल्ड करने की वजह क्या है?
सूत्रों के अनुसार, ग्रामीणों के खाते कथित तौर पर कमीशन नहीं दिए जाने के कारण होल्ड किए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ग्रामीणों को लेकर पहुंचा आवास मित्र, फिर अचानक गायब
बताया जा रहा है कि ग्रामीणों को अली नामक आवास मित्र और कथित ठेकेदार जनपद कार्यालय लेकर पहुंचे थे। जब मीडिया कर्मियों ने ग्रामीणों को जिला पंचायत सीईओ से मिलने की सलाह दी और मामले की जानकारी जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन को फोन पर दी, तो उन्होंने ग्रामीणों को तत्काल कार्यालय बुलाने की बात कही।
लेकिन जैसे ही इसकी जानकारी अली को हुई, वह ग्रामीणों को वाहन में बैठाकर सीईओ से मिलाने की बात कहकर वहां से निकल गया और बाद में कथित तौर पर ग्रामीणों को लेकर वापस नहीं आया।

मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन ने ग्रामीणों को जनपद कार्यालय बुलाकर पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई करने की बात कही है।
अब जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि आखिर बिना निर्माण के जियो टैगिंग हुई या नहीं, किस स्तर से किस्त जारी हुई, खाते किस आधार पर होल्ड किए गए और कमीशन मांगने के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

Netagiri

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!