ADANI - HALF PAGE_page-0001
ADANI - HALF PAGE_page-0001
छत्तीसगढ़

CG News : छत्तीसगढ़ में 31.70 करोड़ की संपत्ति कुर्क, ED ने 17 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत करीब 31.70 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इसके साथ ही मामले में सतपाल सिंह छाबड़ा, मंदीप चावला समेत कुल 17 आरोपियों के खिलाफ रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की गई है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के माध्यम से जिला खनिज न्यास निधि के कथित दुरुपयोग और अवैध कमीशनखोरी से जुड़े मामले में की गई है।

DMF फंड घोटाले में ED का बड़ा एक्शन

प्रवर्तन निदेशालय ने DMF फंड के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच करते हुए यह कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने करीब 31.70 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है।

इस कार्रवाई में चल और अचल दोनों तरह की संपत्तियां शामिल हैं। ईडी का उद्देश्य कथित अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत अटैच करना है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान इन संपत्तियों का हस्तांतरण नहीं किया जा सके।

17 आरोपियों के खिलाफ अदालत में पूरक शिकायत

इस मामले में ईडी ने सतपाल सिंह छाबड़ा और मंदीप चावला समेत कुल 17 आरोपियों के खिलाफ रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की है।

इस शिकायत के जरिए जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े अतिरिक्त तथ्यों और आरोपों को अदालत के सामने रखा है। अब इस मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया विशेष अदालत में चलेगी।

कृषि विकास निगम के माध्यम से फंड के दुरुपयोग का आरोप

जांच का संबंध छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के माध्यम से जिला खनिज न्यास (DMF) निधि के कथित दुरुपयोग से है।

आरोप है कि DMF फंड से जुड़े कार्यों और प्रक्रियाओं में अनियमितताएं की गईं तथा अवैध कमीशनखोरी के जरिए आर्थिक लाभ हासिल किया गया। ईडी इसी कथित वित्तीय लेन-देन और उससे जुड़ी संपत्तियों की जांच कर रही है।

क्या है DMF फंड और इसका उद्देश्य?

डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) की स्थापना खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और वहां रहने वाले लोगों के कल्याण के लिए की गई है। इस निधि का इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में किया जाता है।

इसलिए DMF राशि के कथित दुरुपयोग का मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खनन प्रभावित लोगों के हितों के लिए निर्धारित राशि में अनियमितता के आरोपों की जांच की जा रही है।

Netagiri

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!