Netagiri.in__रायपुर | 8 जनवरी 2026__छत्तीसगढ़ शासन ने प्रदेशभर में स्थानांतरण नीति 2025–26 के तहत जारी आदेशों के पालन को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी आदेश में साफ किया गया है कि ट्रांसफर के बावजूद जो अधिकारी और कर्मचारी अब तक नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
7 जनवरी 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य के कई जिलों और विभागों में स्थानांतरण निर्देशों का समुचित पालन नहीं हो रहा है। इसके कारण प्रशासनिक कार्य और जनहित से जुड़ी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं, जिसे शासन ने गंभीर लापरवाही माना है।

13 जनवरी 2026 तक अंतिम मोहलत
शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी स्थानांतरित अधिकारी-कर्मचारी 13 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें। समय-सीमा के भीतर ज्वाइनिंग नहीं करने पर विभागीय जांच, सेवा अभिलेख में प्रतिकूल प्रविष्टि और वेतन रोके जाने जैसी कार्रवाई की जाएगी।
पुराने पदस्थापना स्थल से वेतन पर रोक
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जनवरी 2026 का वेतन केवल नए पदस्थापना स्थल से ही आहरित किया जाएगा। यदि कोई आहरण-संवितरण अधिकारी (DDO) स्थानांतरण के बावजूद पुराने कार्यालय से वेतन जारी करता है, तो उसके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों की जवाबदेही तय
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने विभागों में ट्रांसफर आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 15 जनवरी 2026 तक GAD को भेजें।
जनहित योजनाओं पर असर को बताया कारण
शासन ने कहा है कि स्थानांतरण आदेशों की अनदेखी से प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होती है और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा आती है। इसी कारण इस बार किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शासन के इस आदेश के बाद प्रदेशभर के स्थानांतरित अधिकारी-कर्मचारियों में हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि तय समय-सीमा तक कितने अधिकारी और कर्मचारी नए पदस्थापना स्थल पर ज्वाइनिंग सुनिश्चित करते हैं।


