Netagiri.in—Renujaiswal…..कोरबा। कुसमुंडा खदान क्षेत्र में कथित डीजल चोरी को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के मुताबिक, खदान क्षेत्र से डीजल चोरी किए जाने और इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने की बातें सामने आ रही हैं। हालांकि इन चर्चाओं की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
सूत्रों के हवाले से बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि खदान क्षेत्र में लंबे समय से डीजल चोरी की गतिविधियां चलने की चर्चा है, तो चोरी का डीजल बाहर कैसे पहुंच रहा है? वाहनों की आवाजाही, प्रवेश-निकासी और डीजल के स्टॉक की निगरानी आखिर किस स्तर पर हो रही है?
स्थानीय चर्चाओं में यह भी दावा किया जा रहा है कि कुछ कथित डीजल चोरों का थाना क्षेत्र में प्रभाव बना हुआ है। सोशल मीडिया पर ‘सेटिंग’ और कथित संरक्षण को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि किसी आधिकारिक जांच या दस्तावेज से नहीं हुई है।
‘आनंद’ नाम की भी चर्चा
स्थानीय सूत्रों और सोशल मीडिया चर्चाओं में एक व्यक्ति के रूप में ‘आनंद’ नाम का उल्लेख किया जा रहा है। उसके कथित नेटवर्क से जुड़े होने की बातें कही जा रही हैं, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पूरे मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही किसी व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट हो सकती है। प्रोटेक्शन मनी की चर्चा ने बढ़ाई हलचल
डीजल चोरी के साथ कथित ‘प्रोटेक्शन मनी’ या संरक्षण के नाम पर रकम के लेन-देन की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। अगर यह बात जांच में सही पाई जाती है, तो मामला केवल डीजल चोरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चोरी के नेटवर्क और कथित संरक्षण की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए। जांच हुई तो खुल सकता है पूरा खेलडीजल स्टॉक और खपत का मिलान, वाहनों के लॉगबुक, प्रवेश-निकासी रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध गतिविधियों वाले स्थानों की जांच से काफी कुछ साफ हो सकता है।अब सवाल है—क्या कुसमुंडा थाना पुलिस र्और SECL प्रबंधन इन चर्चाओं को गंभीरता से लेकर जांच कराएगा? क्या डीजल चोरी के कथित नेटवर्क और उसके संरक्षण की सच्चाई सामने आएगी?फिलहाल सोशल मीडिया और स्थानीय सूत्रों से सामने आ रही इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।