मुख्यमंत्री की अपील का असर : कोरबा में शुरू हुआ “मानव सेवा जल केंद्र”

Netagiri.in—–कोरबा। भीषण गर्मी के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अपील अब जनसेवा का रूप लेती दिखाई दे रही है। प्रदेशवासियों से प्याऊ खोलने और जरूरतमंद लोगों व पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करने की मुख्यमंत्री की अपील के बाद कोरबा में “मानव सेवा जल केंद्र” की शुरुआत की गई है। यह पहल नगर पालिक निगम कोरबा एवं द्वारिका नगरी सामाजिक विकास ट्रस्ट के संयुक्त प्रयास से शुरू हुई है।
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कोरबा के मुख्य मार्ग स्थित कोर्ट परिसर के सामने स्थापित मानव सेवा जल केंद्र का शुभारंभ महापौर संजू देवी राजपूत ने फीता काटकर किया। इस जल केंद्र में राहगीरों और जरूरतमंद लोगों के लिए शुद्ध ठंडा पेयजल, नींबू-पुदीना पानी एवं मीठे शरबत की निशुल्क व्यवस्था की गई है।
इस अवसर पर महापौर संजू देवी राजपूत ने कहा कि मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म है और भीषण गर्मी में लोगों को शीतल जल उपलब्ध कराना पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रेरणा से नगर निगम लगातार जनहित के कार्यों को आगे बढ़ा रहा है।
पार्षद नरेंद्र देवांगन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में लोगों को पानी पिलाना सबसे बड़ी सेवा है। ऐसे सामाजिक कार्य समाज को मानवीय संवेदनाओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।
नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडे ने भी जल संरक्षण और पानी की उपयोगिता पर जोर देते हुए आम नागरिकों से पानी बचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नगर निगम शुद्ध पेयजल सेवा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तत्पर है और आगे भी जनसुविधाओं से जुड़े कार्य निरंतर जारी रहेंगे।
द्वारिका नगरी सामाजिक विकास ट्रस्ट के प्रीतम जायसवाल सहित अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि इस जल केंद्र का उद्देश्य राहगीरों को गर्मी से राहत पहुंचाने के साथ समाज में जल सेवा की भावना को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में सामाजिक संगठन के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कोरबा के मुख्य मार्ग स्थित कोर्ट परिसर के सामने स्थापित मानव सेवा जल केंद्र का शुभारंभ महापौर संजू देवी राजपूत ने फीता काटकर किया। इस जल केंद्र में राहगीरों और जरूरतमंद लोगों के लिए शुद्ध ठंडा पेयजल, नींबू-पुदीना पानी एवं मीठे शरबत की निशुल्क व्यवस्था की गई है।
