ADANI - HALF PAGE_page-0001
ADANI - HALF PAGE_page-0001
छत्तीसगढ़

जिले में बनने वाले सुनालिया अंडरपास निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद-एसडीओ सेतु निगम

कोरबा. औद्योगिक नगर कोरबा में रेलवे क्रासिंग की भरमार होने के कारण आवागमन में चुनौती पेश आ रही है। लोगों को हर रोज इससे परेशान होना पड़ रहा है। अरसे से चल रही नाराजगी के बाद कोरबा संजय नगर क्षेत्र में पहला रेल अंडरपास स्वीकृत हुआ है। प्रारंभिक औपचारिकताओं को किया जाना जारी है। नगरीय निकाय चुनाव की आचार संहिता समाप्त होने के साथ इस काम से संबंधित टेंडर के पास होने की रफ्तार बढ़ी है। यह काम पूर्ण होने से निर्माण एजेंसी छत्तीसगढ़ सेतु निगम के द्वारा निर्माण को शुरू किया जाएगा।

कोरबा के प्रथम रेल अंडरपास का निर्माण नई बस्ती क्षेत्र के अंतर्गत संजय नगर स्टेशन मार्ग पर किया जाना है। 30 करोड़ रुपए इस प्रोजेक्ट पर खर्च होना अनुमानित है। कास्ट शेयरिंग बेसेस पर होने वाले निर्माण की 50-50 प्रतिशत राशि जिला प्रशासन और रेलवे को वहन करना है यानि दोनों ही 15-15 करोड़ रुपए की भागीदारी इस निर्माण पर करेंगे। प्रदेश में भाजपा सरकार के गठन के बाद स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया गया और हर रोज होने वाली परेशानियों के निराकरण से मुक्ति दिलाने की मांग की गई।

आनन-फानन में हुई बातचीत से तय हुआ कि यहां पर रेल अंडरपास बनाया जाए। योजना का प्राक्कलन बनाने के साथ संबंधित क्षेत्र का सर्वे किया गया। जल संसाधन विभाग ने अपनी जमीन पर अवैध रूप से काबिज लोगों को हटाने अगस्त 2024 में नोटिस दिया। वर्षाकाल की समाप्ति के बाद इस तरफ कदम बढ़ाए गए। खबर के अनुसार रेल अंडरपास बनाने के लिए अब काम को शीघ्रता दी जा रही है। सूत्रों के अनुसार समयसीमा का निर्धारण करने के साथ रेल अंडरपास का निर्माण कराने को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके बन जाने से गेवरारोड-कोरबा रेलखंड पर रेल आवागमन निर्बाध रूप से हो सकेगा।

जानकारी के अनुसार सामान्य तौर पर अतिक्रमण के प्रकरणों में संबंधितों को किसी प्रकार की राहत देने के नियम नहीं है। इसके परे जाकर कोरबा में रेल अंडरपास के दायरे में आने वाले लोगों को तीन करोड़ रुपए का कुल मुआवजा वितरित किया गया है। इस इलाके में कच्चे-पक्के मकान और छोटी-बड़ी दुकानें चल रही थी। लोगों के अपने-अपने दावे थे कि वे कई दशक से यहां पर काबिज रहे। उनकी जीविका का आधार सुनिश्चित हुआ। काफी समय के बाद उन्हें बताया गया कि जमीन सिंचाई विभाग और रेलवे के हिस्से की है।

रेल अंडरपास की जद में आने वाली जमीन पर बनी परिसंपत्ति को हटाने के साथ अब यहां रेलवे ने इस आशय की सूचना लगाई है कि जमीन उसकी अपनी है और इस पर किसी और का कोई दावा नहीं बनता। जानकारी के अनुसार कोरबा के मानिकपुर और गेवरा बस्ती इलाके में ऐसी और भी जमीन है जहां से आगामी दिनों में बुलडोजर चल सकते हैं। स्टेशन रोड, नहर पुल और कोतवाली की तरफ के रास्ते में रेल अंडरपास की चपेट में 95 परिसंपत्ति आई है। इन सभी को हटाने का काम जारी है। अधिकांश मामलों में तोडफोड़ हो चुकी है। धीरे-धीरे सभी जमींदोज होंगे। रेल अंडरपास का टेंडर प्रक्रियाधीन है। निकाय चुनाव की आचार संहिता हट गई है। जल्द ही टेंडर खुलेगा। इसके साथ हम काम शुरू करेंगे।

Netagiri

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!