हरदीबाजार : ग्रामीण किसानों के साथ हुई बैठक रही सार्थक, किसानों की मुख्य मांगों पर हुआ सकारात्मक मंथन

Netagiri.in—-कोरबा। हरदीबाजार में शुक्रवार को हरदी बाजार तहसील में ग्रामीण किसानों और प्रशासन के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक सार्थक रही। बैठक की अध्यक्षता एडीएम कोरबा ने की। इस अवसर पर एसडीएम कोरबा रोहित सिंह, एसडीएम पाली सीमा पात्रे, तहसीलदार हरदीबाजार विष्णु साय पैकरा, एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय से आए अधिकारी, दीपका नोडल अधिकारी मितेश मधूप, सुशील साहू लिगल इंस्पेक्टर ज्योति पांडे कर्मचारी अजय राठौर तथा हरदीबाजार नोडल अधिकारी रोशन मेश्राम सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में कुल 903 खातेदार, 151 रोजगार और 50.2 डिसमिल कटअप भूमि की जानकारी साझा की गई।
किसानों की प्रमुख मांगें
बैठक में किसानों ने प्रशासन के सामने अपनी कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें रोजगार प्रक्रिया को शीघ्र शुरू करने, बसाहट स्थल जयंती नगर और उतरदा में बिजली,पानी एवं सड़क निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ करने, मकान नापी के बाद शीघ्र मुआवजा वितरण करने की बात शामिल रही।
किसानों ने छोटे खातेदारों के लिए वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराने, बसाहट स्थल में मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने तथा रोजगार दस्तावेज हेतु वंशवृक्ष, फौती व नामांतरण त्रुटि सुधार के लिए शिविर लगाने की मांग भी रखी।
मूल किसानों ने बैठक में प्रशासन और एसईसीएल के पक्ष में भरोसा जताया।
विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक रंग

बैठक के दौरान कांग्रेस के पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर अपने समर्थकों के साथ तहसील कार्यालय के गेट पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। थोड़ी देर बाद वे अपने समर्थकों सहित लौट गए।
गौरतलब है कि उनके विरोध में भाजपा नेता भी दिखाई दिए। विरोध प्रदर्शन में भाजपा के जिला मंत्री अजय दुबे और पूर्व जिला मंत्री नरेश टंडन भी मौजूद रहे।
मुआवजा प्रकरण में मची खलबली

बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि राज्य शासन के निर्देश पर ड्रोन सर्वे और कटअप डेट का नापी कार्य शून्य से शुरू किया जाएगा।
एडिशनल कलेक्टर ने क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए धड़ल्ले से मकान निर्माण कार्य पर नाराजगी जताई।
सूत्रों के अनुसार, जिन लोगों ने दूसरों की भूमि या शासकीय जमीन पर अवैध रूप से करोड़ों के मकान बनाकर अधिक मुआवजा लिया और हरदी बाजार में मुआवजा लेने का धंधा बनाएं, वे इस बैठक से दूरी बनाए रहे।

सीबीआई जांच से जुड़ा मामला
ग्राम मलगांव और आमगांव में हुए मुआवजा घोटाले को लेकर सीबीआई द्वारा कुछ माह पूर्व जयसवाल परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई थी। एसईसीएल ने जांच के चलते उनके मुआवजे पर रोक लगा दी है। बैठक में सीबीआई जांच के घेरे में आए राजेश जयसवाल भी कुछ ग्रामीणों के साथ मौजूद रहे और अधिकारियों पर नाराजगी जताई।
किसानों में दिखी संतुष्टि

दिनभर चली त्रिपक्षीय बैठक के अंत में अधिकांश मूल निवासी किसान संतुष्ट दिखाई दिए। ग्रामीणों ने कलेक्टर कोरबा के पूर्व आदेशों की सराहना करते हुए कहा कि अब उनकी बातों को सुना जा रहा है। बैठक के बाद किसानों के चेहरों पर संतोष और उम्मीद की झलक साफ दिखाई दी।


