
Netagiri.in___भिलाई____अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं दूरदर्शी जननेता पंडित रविशंकर शुक्ल की 68वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 31 दिसंबर 2025 को इस्पात नगरी भिलाई में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम सेक्टर-9 स्थित पं. रविशंकर शुक्ल की भव्य प्रतिमा के समक्ष प्रातः 10 बजे आयोजित होगा।
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श्रद्धांजलि सभा में भिलाई बिरादरी के सदस्य, कांग्रेस कार्यकर्ता एवं आम नागरिक पं. शुक्ल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देंगे। आयोजन का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण और प्रदेश के विकास में उनके अमूल्य योगदान को स्मरण करना है।
उल्लेखनीय है कि देश के सर्वश्रेष्ठ एकीकृत इस्पात संयंत्र — भिलाई इस्पात संयंत्र — की स्थापना में पंडित रविशंकर शुक्ल की अहम भूमिका रही। वे इस परियोजना के प्रबल समर्थक और प्रणेता रहे, जिससे छत्तीसगढ़ क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली।
पंडित रविशंकर शुक्ल का जन्म 2 अगस्त 1876 को सागर में पं. जगन्नाथ शुक्ल एवं श्रीमती तुलसी देवी के पुत्र के रूप में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा सागर में प्राप्त करने के बाद उन्होंने राजनांदगांव और रायपुर से माध्यमिक शिक्षा पूरी की। जबलपुर के रॉबिन्सन कॉलेज से इंटरमीडिएट एवं नागपुर के हिसलॉप कॉलेज से अध्ययन के दौरान ही वे कांग्रेस आंदोलन से प्रभावित हुए और स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाने लगे।
1898 में अमरावती में आयोजित कांग्रेस के 13वें अधिवेशन में सहभागिता के साथ ही उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई। लगभग 50 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने पूर्व सी.पी. एवं बरार तथा अविभाजित मध्यप्रदेश के विकास, शिक्षा और आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दिया। पं. रविशंकर शुक्ल का निधन 31 दिसंबर 1956 को नई दिल्ली में 80 वर्ष की आयु में हुआ था।
श्रद्धांजलि सभा का आयोजन भिलाई इस्पात संयंत्र के क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक समूह के सहयोग से किया जा रहा है। दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी, पं. रविशंकर शुक्ल सामाजिक एवं सांस्कृतिक समिति तथा कान्यकुब्ज सामाजिक चेतना मंच भिलाई ने नागरिकों से कार्यक्रम में शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है।
पं. रविशंकर शुक्ल सामाजिक एवं सांस्कृतिक समिति के महासचिव श्री मनोज मिश्रा एवं दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री मुकेश चंद्राकर ने इस्पात नगरी के समस्त गणमान्य नागरिकों, कांग्रेसजनों एवं भिलाई बिरादरी से श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित रहने का आग्रह किया है।


