
Netagiri.in___Renu jaiswal ___नई दिल्ली/कोलकाता/रांची।
अवैध कोयला खनन और परिवहन रैकेट पर शिकंजा कसने के लिए Enforcement Directorate (ED) ने शुक्रवार सुबह पश्चिम बंगाल के 24 और झारखंड के 18 ठिकानों पर एक साथ बड़ी कार्रवाई की। यह ऑपरेशन PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून) के तहत चल रही जांच का हिस्सा है।
बैगों और ब्रीफकेस में मिली भारी नकदी
विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तलाशी के दौरान ED को कई स्थानों से भारी मात्रा में नकदी, सोना और महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं।
धनबाद, आसनसोल, दुर्गापुर और कोलकाता के कई इलाकों में तड़के ही टीमें पहुंचीं और कोयला कारोबारियों, परिवहनकर्ताओं और एजेंटों के ठिकानों पर एक साथ तलाशी शुरू हुई।
मनी लॉन्ड्रिंग और कोयला चोरी की श्रृंखला की जांच
India Today और New Indian Express की रिपोर्टों के मुताबिक, ED की यह कार्रवाई अवैध कोयला उत्खनन, फर्जी परिवहन, और उससे होने वाली कमाई को हवाला नेटवर्क के माध्यम से सफेद करने के आरोपों की जांच से जुड़ी है।
क्या मिला छापेमारी में?
मीडिया रिपोर्ट्स में यह सामने आया है—कई ठिकानों से नकदी से भरे बैग,
सोने के गहने, संदिग्ध ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड,और कोयला परिवहन के अघोषित दस्तावेज जब्त किए गए हैं।धनबाद में हुई एक छापेमारी के दौरान एक कारोबारी द्वारा ED टीम को रोकने के लिए कुत्ते छोड़ने की घटना भी सामने आई, जिसे Aaj Tak और India Today ने रिपोर्ट किया है।
किस पर चल रही है कार्रवाई?
रिपोर्टों के अनुसार, यह ऑपरेशन उन कारोबारी समूहों पर केंद्रित है जिन पर—
अवैध कोयला निकालने,,चोरी-छिपे परिवहन,और उससे जुड़ी कथित पैसों की धुलाई (Money Laundering)
का संदेह है।
अवैध कोयला कारोबार लंबे समय से झारखंड और बंगाल में बड़ी समानांतर अर्थव्यवस्था की तरह चलता रहा है।
यह ऑपरेशन उस नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



