Netagiri.in—-रायपुर। CG NEET UG 2026 की राज्य मेरिट सूची को लेकर अभ्यर्थियों और अभिभावकों के बीच कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय और स्वास्थ्य विभाग के समक्ष राज्य कोटा की सीटों में पात्रता, डोमिसाइल एवं EWS प्रमाणपत्रों के सत्यापन, श्रेणी निर्धारण तथा AIQ और स्टेट कोटा में संभावित सीट-ब्लॉकिंग की जांच की मांग की गई है। शिकायत कर्ता छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना के पदाधिकारी जितेंद्र साहू ने
शिकायत में आशंका जताई गई है कि यदि राज्य कोटा की मेरिट सूची में शामिल अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का पर्याप्त सत्यापन नहीं हुआ, तो वास्तविक रूप से पात्र छत्तीसगढ़ के अभ्यर्थियों के हित प्रभावित हो सकते हैं। आवेदन में डोमिसाइल और EWS प्रमाणपत्रों का तहसीलदार अथवा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के माध्यम से भौतिक सत्यापन कराने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने AIQ Round-1 के सीट अलॉटमेंट डेटा का राज्य काउंसलिंग के डेटा से मिलान करने की भी मांग की है, ताकि एक ही अभ्यर्थी द्वारा अलग-अलग काउंसलिंग में सीट रोकने की संभावित स्थिति को स्पष्ट किया जा सके।
इसके साथ ही श्रेणी परिवर्तन और आरक्षण संबंधी दावों की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा जांच में पात्रता संबंधी गंभीर विसंगति मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई कर संशोधित मेरिट सूची जारी करने की मांग की गई है।
शिकायत में कहा गया है कि मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी है। इसलिए किसी भी संभावित अनियमितता की समय रहते जांच कर पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करना जरूरी है।
हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोपों और आशंकाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब देखना होगा कि चिकित्सा शिक्षा संचालनालय और स्वास्थ्य विभाग इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।


