
Netagiri.in—Renujaiswal—कोरबा–छत्तीसगढ़ शासन द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किया गया है कि ग्राम पंचायतों में किसी भी प्रकार से सरपंच प्रतिनिधि की नियुक्ति नहीं की जा सकती, इसके बावजूद ग्राम पंचायत बासिन में शासन के आदेशों की खुलेआम अवहेलना किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है।

आरोप है कि पंचायत भवन के अंदर लगाए गए बैनर में सरपंच प्रतिनिधि का फोटो लगाया गया है और वही व्यक्ति पंचायत के संपूर्ण कार्यों का संचालन कर रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में पूरी तरह ठेका प्रथा लागू है और वास्तविक निर्वाचित सरपंच की भूमिका नाम मात्र की रह गई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कथित सरपंच प्रतिनिधि अलीम मोहम्मद खान द्वारा यह कहा जा रहा है कि “सरपंच की क्या औकात है, मैंने ही उसे बनाया है और पंचायत मैं ही चलाता हूं।” इस प्रकार के बयान न केवल पंचायत की स्वायत्तता पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं, बल्कि शासन की मंशा के भी विपरीत हैं।
वर्ष 2022-23 के दौरान पूर्व सरपंच कार्यकाल में स्वीकृत सीसी रोड एवं आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य आज तक अधूरे हैं, जबकि इन कार्यों की पूरी राशि का आहरण किया जा चुका है। इसी प्रकार विधायक मद से स्वीकृत सीसी रोड निर्माण कार्य की राशि भी आहरित कर ली गई है, लेकिन छह माह बीतने के बाद भी कार्य प्रारंभ नहीं हुआ।
बताया जा रहा है कि संबंधित विभाग द्वारा इस मामले में नोटिस भी जारी किया गया, इसके बावजूद कार्य नहीं कराया जा रहा है। विकास कार्यों के ठप होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शासन आदेशों की अवहेलना करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए, आहरित राशि की जांच कर रिकवरी की जाए तथा लंबित विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए।



